ब्रेकिंग
बिहार में मौसम का बड़ा बदलाव: आंधी-बारिश के बाद अब बढ़ेगी गर्मी, पारा 40 डिग्री पार जाने का अलर्टपटना में आज से नए नियम लागू: अब कचरा अलग-अलग देना अनिवार्य, सौ से अधिक लोगों के आयोजन पर देनी होगी जानकारीमिडिल ईस्ट तनाव का असर: 19 KG वाला LPG सिलेंडर हो गया महंगा, आम जनता की जेब पर पड़ेगा सीधा असरपटना में देर रात अपराधियों का तांडव: अपार्टमेंट में घुसकर कारोबारी को मारी गोली, ताबड़तोड़ फायरिंग से हड़कंपपटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम बिहार में मौसम का बड़ा बदलाव: आंधी-बारिश के बाद अब बढ़ेगी गर्मी, पारा 40 डिग्री पार जाने का अलर्टपटना में आज से नए नियम लागू: अब कचरा अलग-अलग देना अनिवार्य, सौ से अधिक लोगों के आयोजन पर देनी होगी जानकारीमिडिल ईस्ट तनाव का असर: 19 KG वाला LPG सिलेंडर हो गया महंगा, आम जनता की जेब पर पड़ेगा सीधा असरपटना में देर रात अपराधियों का तांडव: अपार्टमेंट में घुसकर कारोबारी को मारी गोली, ताबड़तोड़ फायरिंग से हड़कंपपटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम

नहाय-खाय के साथ आज से चैती छठ की शुरुआत, लोगों से घर में ही पर्व मनाने की अपील

PATNA : लोक आस्था के महापर्व चैती छठ की शुरुआत आज नहाय खाय के साथ हो गई है. चैती छठ 16 अप्रैल से शुरू होकर 19 अप्रैल तक चलेगा. यह पर्व चार दिन तक चलता है. छठ महापर्व की शुरुआत नहाय

नहाय-खाय के साथ आज से चैती छठ की शुरुआत, लोगों से घर में ही पर्व मनाने की अपील
First Bihar
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA : लोक आस्था के महापर्व चैती छठ की शुरुआत आज नहाय खाय के साथ हो गई है. चैती छठ 16 अप्रैल से शुरू होकर 19 अप्रैल तक चलेगा. यह पर्व चार दिन तक चलता है. छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के दिन से होती है. आस्था का महापर्व छठ साल में दो बार मनाया जाता है. यह पर्व चैत्र माह में और कार्तिक माह में मनाया जाता है.


आज यानी 16 अप्रैल को चतुर्थी तिथि के दिन नहाय-खाय किया जाएगा. वहीं, 17 अप्रैल दिन शनिवार को पंचमी तिथि में लोहंडा या खरना होगा. इस दिन छठ व्रती पूरे दिन व्रत रखते हैं और शाम में गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाकर सूर्य देव की पूजा करने के बाद इसी प्रसाद के साथ कुछ खाया जाता है.


18 अप्रैल को षष्ठी तिथि को शाम में छठ व्रती नदी और तालाब तट पर पहुंचकर सूर्य देवता को अर्घ्य देंगे. फिर 19 अप्रैल सप्तमी तिथि को सुबह नदी और तालाब के तट पर पहुंचकर उगते सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाएगा. इस व्रत को करने के नियम इतने कठिन होते हैं कि इसी वजह से इसे महापर्व और महाव्रत के नाम से जाना जाता है.


हालांकि इस साल भी बिहार में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने छठव्रतियों को पटना के घाटों तलाबों में छठ अर्घ्य नहीं देने की हिदायत दी है. लोगों से घर पर ही छठ व्रत मनाने की अपील की गई है. 

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

First Bihar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें