Mothers Day 2025: मदर्स डे (11 मई) को केक या गिफ्ट से आगे बढ़ते हुए इस साल मां को एक आध्यात्मिक यात्रा का तोहफा दें।हम बिहारवासियों के पास सौभाग्य है कि राज्य में ही कई ऐतिहासिक और आध्यात्मिक तीर्थ स्थल मौजूद हैं। पटना, गया, राजगीर, सीतामढ़ी, और भागलपुर जैसे शहरों से कुछ घंटों की यात्रा कर आप मां के साथ इन धार्मिक स्थलों पर पहुंच सकते हैं।
बोधगया (गया जिला)
गौतम बुद्ध को बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था। महाबोधि मंदिर और शांत वातावरण वाली यह जगह ध्यान और मानसिक शांति के लिए आदर्श है। गया और पटना से बोधगया बस या ट्रेन से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
राजगीर (नालंदा जिला)
राजगीर वह स्थल है जहां भगवान बुद्ध और महावीर दोनों ने प्रवचन दिए। यहां जापानी शांति स्तूप, वेणुवन और गर्म जलकुंड जैसे स्थान देखने लायक हैं। पटना से लगभग 100 किमी की दूरी पर स्थित राजगीर, एक दिन की यात्रा के लिए परफेक्ट है।
पटनदेवी मंदिर (पटना)
मां दुर्गा के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक पटनदेवी मंदिर, शहर के बीचों-बीच स्थित है। यदि आप लंबी यात्रा नहीं करना चाहते तो पटना या इसके आस-पास के लोग मां के साथ यहां दर्शन कर सकते हैं।
मंगला गौरी मंदिर (गया)
यह मंदिर शक्ति पीठों में से एक है और विवाहित महिलाओं के बीच विशेष रूप से पूजनीय माना जाता है। मदर्स डे पर यहां दर्शन कर मां के चेहरे पर आस्था की संतुष्टि साफ देखी जा सकती है।
सीतामढ़ी - जानकी जन्मभूमि मंदिर
यदि आपकी मां धार्मिक कहानियों में रुचि रखती हैं, तो मां सीता का जन्मस्थान देखना उनके लिए अविस्मरणीय हो सकता है। मंदिर परिसर बेहद शुद्ध और भक्ति भाव से भरा होता है।
वाराणसी और शिरडी जैसे बाहरी धार्मिक स्थल भी रहें विकल्प
यदि आप थोड़ा लंबा ट्रिप प्लान कर सकते हैं तो पटना, गया या आरा से वाराणसी के लिए ट्रेन से जाना सरल है। वहीं साईं बाबा के भक्तों के लिए शिरडी की यात्रा भी मां के लिए विशेष हो सकती है।
परिवार के साथ यात्रा के सुझाव
बिहार स्टेट टूरिज्म या IRCTC की वेबसाइट पर जाकर ट्रैवल पैकेज चेक करें।
बुजुर्ग माताओं के लिए होटल में लिफ्ट और व्हीलचेयर सुविधा की जानकारी पहले ले लें।
मई की गर्मी को देखते हुए हल्के सूती कपड़े और पानी की बोतल साथ रखें।




