Religion : होली के इस पावन अवसर पर मुस्लिम भाइयों ने भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक शानदार मिसाल पेश की है। जहाँ जुम्मे की नमाज अदा करने के बाद मस्जिद से बाहर निकलते ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिन्दू समुदाय के लोगों के साथ मिलकर होली खेली और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया।
बताते चलें कि सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में पतरघट्टी थाना रोड स्थित मस्जिद के सामने कई मुसलमानों ने नमाज अदा करने के बाद मस्जिद से बाहर निकलते ही एकता और प्रेम की मिसाल पेश की और हिंदुओं के इस त्योहार ला हिस्सा बनें। नजारा कुछ ऐसा था जो रोज-रोज देखने को नहीं मिलता।
बता दें कि यहां वर्षों से विभिन्न धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होकर सौहार्द और भाईचारे का संदेश देते रहते हैं। भारत की संस्कृति, आपसी प्रेम, सहयोग और मेल-जोल पर आधारित है। जब मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुम्मे की नमाज अदा करने के बाद होली का जश्न मनाया, तो यह इस बात का प्रतीक बना कि धर्म और आस्था की दीवारें इंसानियत और प्रेम के आगे कभी बाधा बनकर सामने नहीं आ सकती।
एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाने के बाद मौके पर मौजूद मोहम्मद युनुस ने कहा है कि "हमलोग न बटेंगे और न कटेंगे, आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं और रहेंगे"। ऐसे लोगों से देश के नफरत फैलाने वालों को सीख लेनी चाहिए जो देश को बांटने का एक भी मौका नहीं छोड़ना चाहते।
और ऐसे नेताओं के लिए भी जिन्हें लगता है कि उनके उलूल-जुलूल बयान देश की जनता को आपस में लड़ाने में कामयाब हो जाएंगे। अब बात पुरानी नहीं रही, अब हर कोई यह जानता और समझता है कि नेताओं के नफरती बयानों के चक्कर में पड़ आपस के सौहार्द को बिगाड़ने में जरा भी अक्लमंदी नहीं।


