Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में सबकुछ ठीक नहीं है। सियासत में इस बात की चर्चा तेज है कि कुशवाहा की पार्टी किसी भी वक्त टूट सकती है। पार्टी के चार में से तीन विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और किसी भी वक्त पाला बदल सकते हैं। इसी बीच तीनों विधायकों ने पटना में बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की है।
दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ने मकर संक्रांति के मौके पर पटना में भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत गठबंधन के नेताओं ने शिरकत कर गठबंधन की मजबूती का संदेश दिया। नितिन नवीन के भोज में एनडीए के तमाम बड़े नेता, मंत्री और कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस दही-चूड़ा भोज के जरिए उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन बागी विधायकों ने आज फिर अपने नेतृत्व को कड़ा मैसेज दिया। पार्टी के तीन विधायक माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह एक साथ बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के भोज में पहुंचे। कुछ दिनों पहले ही उपेंद्र कुशवाहा के लिट्टी-चोखा भोज का बहिष्कार कर तीनों विधायक दिल्ली जा पहुंचे थे और नितिन नबीन से मुलाकात की थी।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव जीतकर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के चार विधायक विधानसभा पहुंचे हैं। चार में से एक विधायक उनकी पत्नी स्नेहलता कुशवाहा हैं। पत्नी को विधायक बनाने के साथ ही कुशवाहा ने अपने बेटे को भी सेट कर दिया। बेटे को मंत्री बनने से नाराज पार्टी के तीनों विधायकों ने बगावत कर दी और अब अलग राह पकड़ ली। तीनों विधायकों ने एक बार फिर से यह मैसेज देने की कोशिश की है कि वे किसके साथ हैं।




