Sunetra Pawar: अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। इस नई जिम्मेदारी के साथ सुनेत्रा पवार के नाम एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। वे महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बन गई हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे।
इससे पहले पार्टी के विधायकों की बैठक में एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने शोक प्रस्ताव पेश कर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दिलीप वलसे पाटिल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन छगन भुजबल ने किया। बैठक में मौजूद अन्य विधायकों ने भी सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुने जाने का समर्थन किया।
बैठक में दो प्रस्ताव रखे गए। पहला प्रस्ताव सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुने जाने से संबंधित था, जबकि दूसरा प्रस्ताव उन्हें पार्टी के सभी फैसले लेने का संवैधानिक अधिकार देने से जुड़ा था। दोनों प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही सुनेत्रा पवार को पार्टी से जुड़े सभी अहम निर्णय लेने का अधिकार मिल गया।
दूसरी ओर, आज सुबह शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह की कोई जानकारी नहीं थी और इस संबंध में उनसे कोई चर्चा भी नहीं हुई। हालांकि, शरद पवार ने यह भी दावा किया कि 12 तारीख को दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) एक साथ आ सकती हैं।
गौरतलब है कि अजित पवार के निधन के बाद दोनों एनसीपी के कई नेताओं ने पार्टी के विलय की इच्छा जाहिर की है। अब जब सुनेत्रा पवार को पार्टी नेता चुना जा चुका है, तो दोनों एनसीपी के विलय को लेकर अंतिम फैसला लेने का अधिकार भी उन्हीं के पास है। ऐसे में डिप्टी सीएम बनने के बाद सुनेत्रा पवार क्या निर्णय लेंगी और क्या दोनों एनसीपी एक होंगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




