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पटना में 10 जुलाई को NDA की बड़ी बैठक: सीएम सम्राट चौधरी 5 दलों के जिलाध्यक्षों से करेंगे संवाद, नीतीश कुमार और सभी मंत्री रहेंगे मौजूद

NDA Meeting: 10 जुलाई को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एनडीए के सभी पांच सहयोगी दलों के जिलाध्यक्षों के साथ अहम बैठक करेंगे। बैठक में सरकार-संगठन समन्वय, योजनाओं के क्रियान्वयन और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 07, 2026, 1:46:29 PM

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10 जुलाई को NDA की बड़ी बैठक - फ़ोटो Google

NDA Meeting: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी पांच सहयोगी दलों के जिलाध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक 10 जुलाई को पटना स्थित लोक सेवक आवास परिसर में बुलाई है।



एनडीए सरकार बनने के बाद यह अपनी तरह की पहली व्यापक बैठक मानी जा रही है, जिसमें गठबंधन के सभी पांच दलों के जिला अध्यक्ष एक मंच पर मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहेंगे। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के जिलाध्यक्ष शामिल होंगे। माना जा रहा है कि पहली बार मुख्यमंत्री गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के जिला स्तर के संगठनात्मक नेतृत्व से सीधे संवाद करेंगे।



सूत्रों के अनुसार बैठक का मुख्य फोकस सरकार-संगठन समन्वय, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनसरोकार के मुद्दों और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर रहेगा। मुख्यमंत्री जिलाध्यक्षों से प्रत्येक जिले की राजनीतिक स्थिति, संगठन की सक्रियता, बूथ स्तर की तैयारियों तथा गठबंधन सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे।



बैठक में कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक, स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों और जनता की अपेक्षाओं पर भी विचार-विमर्श होगा। मुख्यमंत्री यह भी जानना चाहेंगे कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता की क्या प्रतिक्रिया है और किन क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही जिलाध्यक्षों से अपेक्षा की जाएगी कि वे सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।



इसके अलावा विकास कार्यों की प्रगति, जन शिकायतों के त्वरित समाधान और सरकार के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि बैठक के आधार पर संगठन और सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत करने तथा जनसंपर्क अभियान को गति देने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।



राजनीतिक दृष्टि से भी यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। जिला स्तर के पदाधिकारी किसी भी राजनीतिक दल की सबसे मजबूत संगठनात्मक कड़ी होते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का सीधे उनसे संवाद करना न केवल सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि आगामी चुनावों की रणनीति तय करने के लिहाज से भी इसे निर्णायक बैठक माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों की नजर इस बैठक पर टिकी है, क्योंकि इसके निष्कर्षों से सरकार और एनडीए गठबंधन की आगे की रणनीति के स्पष्ट संकेत मिलने की संभावना है।