1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 15, 2026, 12:48:01 PM
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Bihar Politics: बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ एक नया अध्याय शुरू हो गया है। वे बिहार में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। उनकी ताजपोशी भले ही 15 अप्रैल को हुई हो, लेकिन उन्हें ‘बड़ा नेता’ बनाने का संकेत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करीब 6 महीने पहले ही दे दिया था।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान तारापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने मंच से कहा था— “सम्राट जी को प्रचंड बहुमत से जिताइए, मोदी जी सम्राट जी को बड़ा आदमी बनाएंगे।” उनका यह बयान अब सच साबित हुआ है। पहले उन्हें एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया और उसके बाद 15 अप्रैल को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर लंबा और विविधताओं से भरा रहा है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से की थी, लेकिन भाजपा ने उन्हें वह सभी अवसर दिए जो एक राजनीतिक कार्यकर्ता का सपना होते हैं। वे एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद रहे हैं, जबकि उनकी माता पार्वती देवी तारापुर से विधायक रह चुकी हैं।
सम्राट चौधरी ने 1990 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और 1999 में बिहार सरकार में कृषि मंत्री बने। वे 2000 और 2010 में परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2010 में उन्हें बिहार विधानसभा में विपक्ष का मुख्य सचेतक बनाया गया। वर्ष 2018 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और यहीं से उनके राजनीतिक उत्थान की नई शुरुआत हुई। 2019 में नित्यानंद राय के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्हें भाजपा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद वे पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।
जब नीतीश कुमार ने भाजपा से अलग होकर राजद के साथ सरकार बनाई, तब सम्राट चौधरी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली। इसी दौरान उन्होंने आक्रामक राजनीतिक रुख अपनाते हुए नीतीश कुमार को हटाने के बाद मुरेठा (पगड़ी) खोलने की बात कही थी। 2023 में वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने और संगठन को मजबूत किया। जब नीतीश कुमार फिर से एनडीए में लौटे, तो सम्राट चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। अब उसी राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाते हुए वे बिहार के मुख्यमंत्री पद तक पहुंच गए हैं।