ब्रेकिंग
राबड़ी आवास में लौंडा डांस का आयोजन, लालू -तेजस्वी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तारबिहार से आई हैरान करने वाली तस्वीर: गैस के लिए रातभर सड़कों पर सोने को मजबूर लोग, फिर भी नहीं मिल रहा LPG सिलेंडरबिहार में मेले के मंच पर भारी हंगामा, पूर्व मंत्री के सामने आर्केस्ट्रा डांसर्स के बीच जमकर मारपीट; वीडियो हुआ वायरलसीएम आवास में हलचल हुई तेज: नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं के साथ की अहम बैठक, बिहार में पक रही कौन सी सियासी खिचड़ी?राबड़ी आवास में लौंडा डांस का आयोजन, लालू -तेजस्वी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तारबिहार से आई हैरान करने वाली तस्वीर: गैस के लिए रातभर सड़कों पर सोने को मजबूर लोग, फिर भी नहीं मिल रहा LPG सिलेंडरबिहार में मेले के मंच पर भारी हंगामा, पूर्व मंत्री के सामने आर्केस्ट्रा डांसर्स के बीच जमकर मारपीट; वीडियो हुआ वायरलसीएम आवास में हलचल हुई तेज: नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं के साथ की अहम बैठक, बिहार में पक रही कौन सी सियासी खिचड़ी?

'मेरी अंतरात्मा कहती है कि विवाह केवल..' सेम सेक्स मैरिज मामले में SC के फैसले पर बोले ओवैसी

DESK: सेम सेक्स मैरिज को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर AIMIM चीख असदुद्दीन ओवैसी ने खुशी जताई है। ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट कर क

'मेरी अंतरात्मा कहती है कि विवाह केवल..' सेम सेक्स मैरिज मामले में SC के फैसले पर बोले ओवैसी
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

DESK: सेम सेक्स मैरिज को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर AIMIM चीख असदुद्दीन ओवैसी ने खुशी जताई है। ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट कर कहा कि कोर्ट संसदीय सर्वोच्चता के सिद्धांत को बरकरार रखा है। यह तय करना अदालतों पर निर्भर नहीं है कि कौन किस कानून के तहत शादी करेगा।


ओवैसी ने आगे लिखा कि, ‘मेरा विश्वास और मेरी अंतरात्मा कहती है कि शादी केवल एक पुरुष और एक महिला के बीच होती है। यह 377 के मामले की तरह गैर-अपराधीकरण का सवाल नहीं है, यह विवाह की मान्यता के बारे में है। यह सही है कि सरकार इसे किसी एक और सभी पर लागू नहीं कर सकती’।


ओवैसी ने लिखा कि, ‘मैं बेंच की उस टिप्पणी से चिंतित हूं कि ट्रांसजेंडर लोग स्पेशल मैरिज एक्ट और पर्सनल लॉ के तहत शादी कर सकते हैं। जहां तक इस्लाम का सवाल है तो यह सही व्याख्या नहीं है क्योंकि इस्लाम दो बायोलॉजिकल मेल या दो बायोलॉजिकल फीमेल के बीच विवाह को मान्यता नहीं देता है’।


AIMIM चीफ ने आगे लिखा कि, ‘मैं न्यायमूर्ति भट से सहमत हूं कि "स्पेशल मैरिज एक्ट की लिंग-तटस्थ (जेंडर न्यूट्रल) व्याख्या कभी-कभी न्यायसंगत नहीं हो सकती है और इसके परिणामस्वरूप महिलाओं को अनपेक्षित तरीके से कमजोरियों का सामना करना पड़ सकता है’। 



टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें