ब्रेकिंग
दरभंगा-बेंगलुरु रूट पर अकासा एयर की सीधी उड़ान, जानिए.. फ्लाइट का किराया और टाइमिंगबिहार में जीविका दीदियों को मिला नया टास्क: बिजली कार्यालयों के लिए करना होगा अब यह काम, JEEVIKA और SBPDCL के बीच करारकटिहार उपद्रव मामले में बड़ा एक्शन, 20 नामजद समेत 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्जNMCH में बढ़ेंगी MBBS और PG की सीटें, NMC को भेजा गया सीटों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव; डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारीबिहार में सनसनीखेज वारदात: अपराधियों ने घर में सो रहे गार्ड को मारी गोली, फंदे से लटका मिला बड़े भाई का शवदरभंगा-बेंगलुरु रूट पर अकासा एयर की सीधी उड़ान, जानिए.. फ्लाइट का किराया और टाइमिंगबिहार में जीविका दीदियों को मिला नया टास्क: बिजली कार्यालयों के लिए करना होगा अब यह काम, JEEVIKA और SBPDCL के बीच करारकटिहार उपद्रव मामले में बड़ा एक्शन, 20 नामजद समेत 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्जNMCH में बढ़ेंगी MBBS और PG की सीटें, NMC को भेजा गया सीटों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव; डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारीबिहार में सनसनीखेज वारदात: अपराधियों ने घर में सो रहे गार्ड को मारी गोली, फंदे से लटका मिला बड़े भाई का शव

LJP के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले रामेश्वर चौरसिया ने चिराग का साथ छोड़ा, BJP में वापसी कर सकते हैं

PATNA : 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद चिराग पासवान का दामन थामने वाले पूर्व विधायक रामेश्वर चौरसिया ने एलजेपी से इस्तीफा दे दिया है। रामेश्वर चौरसिया

LJP के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले रामेश्वर चौरसिया ने चिराग का साथ छोड़ा, BJP में वापसी कर सकते हैं
Santosh SinghSantosh Singh|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA : 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद चिराग पासवान का दामन थामने वाले पूर्व विधायक रामेश्वर चौरसिया ने एलजेपी से इस्तीफा दे दिया है। रामेश्वर चौरसिया ने लोक जनशक्ति पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि वह एक बार फिर से बीजेपी में घर वापसी कर सकते हैं। रामेश्वर चौरसिया ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को सीधे अपना इस्तीफा भेजा है। 


दरअसल रामेश्वर चौरसिया विधानसभा चुनाव जिस सीट से लड़ा करते थे वह सीट एनडीए गठबंधन के तहत जेडीयू के पाले में चली गई। इसके बाद उनकी नजर सासाराम विधानसभा सीट पर थी लेकिन इस सीट पर भी जेडीयू ने अपना उम्मीदवार उतारा। रामेश्वर चौरसिया के पास विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए जब कोई विकल्प नहीं बचा तो उन्होंने रातों-रात लोक जनशक्ति पार्टी का दामन थामा था। दिल्ली जाकर रामेश्वर चौरसिया ने चिराग पासवान के हाथों पार्टी का सिंबल लिया और सासाराम विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा। इस दौरान उन्होंने नीतीश सरकार पर खूब हमला भी बोला लेकिन रामेश्वर चौरसिया को विधानसभा चुनाव में जीत हासिल नहीं हो पाई हालांकि उन्होंने जेडीयू के उम्मीदवार को भी वहां जीतने नहीं दिया। अब एक बार फिर रामेश्वर चौरसिया बीजेपी की तरफ रुख कर सकते हैं। एलजेपी उनके लिए चुनावी विकल्प के तौर पर थी। अगर चुनाव जीत जाते तो विधानसभा में होते लेकिन चौरसिया को ऐसा लगता है कि चुनाव हारने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के साथ उनकी राजनीति सक्रिय नहीं रह पाएगी। 


रामेश्वर चौरसिया ने कांग्रेस से आरजेडी में जाने की तमाम संभावनाओं को इनकार करते हुए कहा है कि वह बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं और उनका जुड़ाव भारतीय जनता पार्टी से ही रहा है। हालांकि रामेश्वर चौरसिया की वापसी बीजेपी में कब हो पाएगी यह कहना मुश्किल है क्योंकि जनता दल यूनाइटेड लगातार बीजेपी के उन बागियों पर नजर बनाए हुए हैं जिन्होंने चिराग पासवान के साथ जाकर विधानसभा चुनाव में जेडीयू के उम्मीदवारों को हराने का काम किया। बीजेपी के जिन बड़े चेहरों ने विधानसभा चुनाव एलजेपी के सिंबल पर लड़ा उनमें रामेश्वर चौरसिया और राजेंद्र सिंह जैसे नेता शामिल हैं। रामेश्वर चौरसिया ने फिलहाल एलजेपी को अलविदा कह दिया है लेकिन राजेंद्र सिंह अभी भी एलजेपी में हैं। सियासी जानकार मानते हैं कि जनता दल यूनाइटेड जैसे ही विधानसभा चुनाव में बागी होकर ताल ठोकने वाले अपने नेताओं की घर वापसी शुरू करेगा वैसे ही बीजेपी में भी रामेश्वर चौरसिया और राजेंद्र सिंह जैसे लोग वापस आ जाएंगे।

टैग्स
इस खबर के बारे में
Santosh Singh

रिपोर्टर / लेखक

Santosh Singh

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें