PATNA: केंद्रीय मंत्री व बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न दिये जाने की मांग की थी। अब बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने बीजेपी की मांग पर हामी भरी है। गिरिराज सिंह के बाद अब तेजस्वी यादव ने भी कहा है कि नीतीश कुमार को भारत रत्न जरूर मिलना चाहिए। बता दें कि इससे पहले जेडीयू और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार को भारत रत्न दिये जाने की बात कही थी।
जिसके बाद बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह ने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सत्ता में आने से पहले बिहार की हालत खस्ताहाल थी। यहां की सड़कों, स्कूलों और भवनों की स्थिति ठीक नहीं थी। जब नीतीश कुमार सत्ता में आए तब उन्होंने बिहार को विकास के रास्ते पर पहुंचाया। ठीक इसी तरह ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने भी राज्य की सेवा की। इसलिए भारत रत्न जैसे सर्वोच्च सम्मान के हकदार दोनों नेता हैं। इन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री होश में नहीं है ये सरकार कौन चला रहा है पता नहीं. यहां बच्चे लाठी डंडा खा रहे हैं। लोगों के आंख में आंसू को देखकर उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। जब 17 महीने हमारी सरकारी थी इन्ही युवाओं के चेहरे पर खुशी थी। तब कोई पेपर लीक नहीं हुआ। पांच लाख लोगों को नौकरी मिली। लेकिन आज की सरकार में नौजवानों के आंखों में आंसू है पीठ पर लाठी का दाग है माथा फुटा हुआ है लोग अस्पताल में है ये है एनडीए की सरकार। यहां भ्रष्ट्र अधिकारी सरकार चला रहे हैं। बिहार को अपने हालात पर छोड़ दिया गया है।
बीपीएससी के लोगों को अपनी गलती माननी चाहिए। एक सेंटर की परीक्षा क्यों रद्द की गयी करना था तो पूरे सेंटर की परीक्षा को रद्द करना चाहिए था। इन लोगों में दया नाम की कोई चीज नहीं है। पेपर लीक हुआ और परीक्षा एक सेंटर का रद्द हुआ तो इसका दोषी कौन है? नेता विरोधी दल की हैसियत से हमने दो बार मुख्यमंत्री को चिट्टी लिखी लेकिन मुख्यमंत्री का जवाब आज तक नहीं आया। बिहार में महात्मा गांधी, सीता मईया और कलाकार का भी अपमान हो रहा है और नीतीश कुमार इस पर कुछ नहीं कर रहे हैं। महिलाओं और गांधी जी का अपमान हो रहा है। ये सरकार कौन चला रहा है पहले इस पर बात होनी चाहिए। मुख्यमंत्री सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री है कि काम के भी हैं ऐसे मुख्यमंत्री को एकदम भारत रत्न मिलनी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी पर हमला भी बोला। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि बिहारवासी ही नहीं बल्कि देशवासी भी मान रहे है कि 𝐓𝐡𝐞𝐫𝐞 𝐢𝐬 𝐧𝐨 𝐠𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐚𝐧𝐜𝐞 𝐚𝐭 𝐚𝐥𝐥 𝐢𝐧 𝐁𝐢𝐡𝐚𝐫, 𝐟𝐨𝐫𝐠𝐞𝐭 𝐚𝐛𝐨𝐮𝐭 𝐛𝐚𝐝 𝐠𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐚𝐧𝐜𝐞 𝐨𝐫 𝐚𝐯𝐞𝐫𝐚𝐠𝐞 𝐠𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐚𝐧𝐜𝐞. प्रदेश के 20 बरस से मुख्यमंत्री छात्रों व परीक्षार्थियों को अपने अधीन पुलिस और अधिकारियों से थप्पड़ से लेकर लाठी-डंडों से पीटवा कर युवक-युवतियों को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक पीड़ा पहुँचा रहे है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी किसी भी घटना पर सदन में, सचिवालय में या प्रेस में एक शब्द भी कार्रवाई का, अनुयोजन का, प्रयोजन का या संवेदना का अपने मुखारविंद से व्यक्त भी नहीं कर पा रहे है। प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता फैली हुई है। जनता से विमुख एक गिरोह सरकार चला रहा है। बीजेपी के इनके वरीय सहयोगी उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति में ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, माता सीता तथा महिला कलाकार को सरेआम मंच पर अपमानित कर रहे है। बापू के सात सामाजिक पापों के पर्चे चिपकवाकर झूठी चर्चा बटोरने वाले खुद बापू के अपमान पर चुप्पी ओढ़ सामाजिक पाप अर्जित कर रहे है।

