Bihar Politics: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच एक बार फिर उनकी समृद्धि यात्रा का तीसरा चरण घोषित किया गया है। इसी बीच रविवार को उनके बेटे निशांत कुमार ने जेडीयू की सदस्यता भी ग्रहण की, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह यात्रा 10 मार्च से 14 मार्च तक चलेगी, जिसमें मुख्यमंत्री बिहार के 10 जिलों का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 10 मार्च को सुपौल से यात्रा की शुरुआत करेंगे। उसी दिन वे मधेपुरा भी जाएंगे, जहां उनका रात्रि विश्राम निर्धारित है।
11 मार्च को मुख्यमंत्री अररिया और किशनगंज का दौरा करेंगे और कार्यक्रमों के बाद फिर मधेपुरा लौटकर रात्रि विश्राम करेंगे। 12 मार्च को उनका कार्यक्रम पूर्णिया और कटिहार में तय किया गया है। इसके बाद 13 मार्च को मुख्यमंत्री सहरसा और खगड़िया का दौरा करेंगे। समृद्धि यात्रा के अंतिम दिन 14 मार्च को वे बेगूसराय और शेखपुरा में कार्यक्रमों में शामिल होंगे और इसके बाद वापस पटना लौट आएंगे।
इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री प्रगति यात्रा और सात निश्चय से जुड़ी योजनाओं सहित अन्य विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण करेंगे। साथ ही कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे। इसके अलावा वे जिलास्तरीय योजनाओं की समीक्षा बैठक और जनसंवाद कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।
वहीं रविवार को मुख्यमंत्री ने पटना में बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम को जोड़ने वाली सुरंग के निर्माण कार्य की शुरुआत की। उन्होंने टीबीएम मशीन का बटन दबाकर टनल की खुदाई का शुभारंभ किया और लगभग आधा किलोमीटर पैदल चलकर निर्माण कार्य की तैयारियों का निरीक्षण भी किया। यह सुरंग लगभग 542 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है, जिससे दोनों संग्रहालयों के बीच संपर्क और पर्यटन सुविधाएं बेहतर होंगी।


