Bihar Politics: राज्यसभा सांसद के तौर पर निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से सोमवार को इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने के बाद अब इस्तीफा पत्र पर किए गए उनके हस्ताक्षर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरजेडी चीफ लालू प्रसाद के करीबी सुनील सिंह ने इसको लेकर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग कर दी है।
दरअसल, संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के बाद उठाया है। संविधान के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद और राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं रह सकता, इसी कारण उन्हें यह इस्तीफा देना आवश्यक था।
सोमवार को मुख्यमंत्री का इस्तीफा मंत्री विजय चौधरी ने विधान परिषद पहुंचकर सभापति अवधेश नारायण सिंह को औपचारिक रूप से सौंपा था। जिसके बाद सभापति ने नीतीश कुमार का इस्तीफा मंजूर किया और बाद में बिहार विधान परिषद की तरफ से इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। अब मुख्यमंत्री के इस्तीफे पर सवाल उठ रहे हैं। आरजेडी विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हस्ताक्षर को लेकर सवाल उठाए हैं।
लालू परिवार के करीबी सुनील कुमार सिंह ने इस्तीफा पत्र पर किए गए मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि इस्तीफा पत्र पर सीएम के हस्ताक्षर असली हैं या नकली इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “छोटे पद का भी इस्तीफ़ा Authorised Person के सामने देना होता है, अतः जाँच होनी चाहिए कि इस्तीफ़ा पत्र पर हस्ताक्षर असली है या नकली!”
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे पर सवाल उठाए थे और कहा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के पीछे बीजेपी की बड़ी साजिश है। तेजस्वी यादव ने कहा था कि दूसरे सदन में अगर कोई भी चुना जाता है तो एक सदन से इस्तीफा देना पड़ता है, इसी प्रक्रिया के तहत नीतीश कुमार ने विधान परिषद से इस्तीफा दिया है लेकिन जैस दिख रहा है वैसा है नहीं। सच बात यह है कि बिना उनकी मर्जी से दबाव में यह निर्णय लिया गया है।
तेजस्वी ने कहा था कि बिहार में भाजपा के लोगों ने नीतीश कुमार को तो ठगा ही साथ ही साथ बिहार की जनता को भी ठगने का काम किया है। हमलोग तो शुरू से ही कहते रहे हैं कि बिहार में अगर एनडीए की सरकार आती है तो नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं रहने दिया जाएगा और आझ वही बात सही साबित हो रही है।
रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना

