1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 10, 2026, 2:47:26 PM
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BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। उन्हें उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने संसद भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे, जिससे यह अवसर और भी खास बन गया।
शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। बिहार से जुड़े एनडीए के नेताओं ने भी इस मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गर्म और चर्चाओं से भरा रहा।
शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर नीतीश कुमार को बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि नीतीश कुमार देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं और सुशासन को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की हर जगह सराहना होती रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में अमिट योगदान दिया है और उन्हें एक बार फिर संसद में देखना अत्यंत सुखद है।
प्रधानमंत्री ने आगे लिखा कि नीतीश कुमार ने सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी वर्षों तक देश की सेवा की है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव से संसद की गरिमा और अधिक बढ़ेगी। उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने पर नीतीश कुमार को हार्दिक बधाई और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
वहीं एनडीए के सहयोगी दल ‘हम’ के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इस मौके पर अपनी प्रतिक्रिया दी। हालांकि उन्होंने सीधे बधाई देने से परहेज करते हुए कहा कि वे केवल इतना कहना चाहेंगे कि “बिहार विल मिस यू नीतीश जी।” उन्होंने आगे कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत राय नहीं है बल्कि पूरे बिहार की भावना है कि नीतीश कुमार की सक्रिय भूमिका राज्य में हमेशा महसूस की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे बिहार की सत्ता और संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार शुक्रवार शाम को पटना लौट सकते हैं और 13 अप्रैल को कैबिनेट की अंतिम बैठक करेंगे। इसके बाद 14 अप्रैल को उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना भी जताई जा रही है। इसी दिन एनडीए विधायक दल की बैठक होने की भी चर्चा है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
दिल्ली पहुंचने पर नीतीश कुमार ने भी अपने भविष्य की भूमिका को लेकर संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था, “अब यहीं रहूंगा। बहुत समय तक यहां काम किया है, अब फिर से यहीं काम करूंगा।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीते 20 वर्षों में उन्होंने बिहार में काफी काम किया है और आगे भी उनकी राजनीतिक सक्रियता बनी रहेगी। उनके इस बयान के बाद यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि वे अब दिल्ली की राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं, जबकि पटना से उनका संपर्क और दौरा जारी रहेगा।
कुल मिलाकर नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।