Bihar Politics: पटना के शंभू हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी करने वाली छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एसआईटी की जांच जारी है लेकिन जांच रिपोर्ट में देरी के कारण सरकार और पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। पूरे मामले पर डिप्टी सीएम और बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी का रिएक्शन आया है।
अपने गृह जिला मुंगेर पहुंचे सम्राट चौधरी ने घटना का जिक्र करते हुए माना कि जहानाबाद की बेटी के ऊपर अत्याचार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक-एक चीजों की जांच का आदेश दे दिया है। हमने कहा है कि पुलिस पूरी तरह से स्वतंत्र है, एक-एक पर कार्रवाई करो। एकदम स्पष्ट करता हूं कि जो दोषी है उसे माला पहनाने का नहीं बल्कि माला चढ़ाने को कहेंगे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि कोई यदि छोटी सी बच्ची के साथ इस तरह का घिनौना अपराध करता हो उसको बख्शा नहीं जा सकता है और ऐसे लोगों को बख्शने की जरूरत भी नहीं है। जो क्रुर हो, कायर हो और छुपकर अपराध करता हो उससे बड़ा डरपोक कोई नहीं हो सकता है। समाज से ऐसे लोगों को बाहर जाना चाहिए।
बता दें कि जांच पर उठ रहे सवाल के बीच गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने एसआईटी और पुलिस के आला अधिकारियों को तलब किया है। सम्राट चौधरी के बुलावे पर बिहार के डीजीपी विनय कुमार, एडीजी, पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, पटना के सिटी एसपी और एसडीपीओ समेत एसआईटी की चीम सम्राट चौधरी के 5 देश रत्न मार्ग स्थित आवास पहुंची है।




