Bihar Politics: यूट्यूबर से सामाजिक कार्यकर्ता बने मनीष कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस बात की घोषणा अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक लाइव वीडियो के माध्यम से की। मनीष कश्यप ने कहा कि, मैं, मनीष कश्यप, अब भाजपा का सदस्य नहीं हूं। मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं।
उन्होंने बताया कि वे हाल ही में अपने क्षेत्र चनपटिया गए थे, जहां उन्होंने आम लोगों से बातचीत की। इस दौरे के बाद उन्होंने यह फैसला किया कि अब उन्हें बिहार और बिहारियों के हक की लड़ाई लड़नी चाहिए। कश्यप ने कहा कि वे पहले भी पार्टी के भीतर रहते हुए बिहार से हो रहे पलायन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं, लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि पार्टी में रहकर वे इन बातों को खुलकर नहीं कह सकते।
उन्होंने कहा, कुछ लोग इस फैसले से खुश होंगे, कुछ दुखी। लेकिन मैं हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं कि मुझे मजबूरी में यह निर्णय लेना पड़ा। मैंने पार्टी के लिए तन, मन और धन सब कुछ लगा दिया। उन्होंने खुद को महत्वाकांक्षी कहे जाने पर जवाब देते हुए कहा कि अगर मैं महत्वाकांक्षी होता, तो 2024 का चुनाव लड़कर सबका खेल बिगाड़ देता। मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो केवल अपने लिए सोचते हैं।
कश्यप ने यह भी कहा कि अब वे किसी नए राजनीतिक या सामाजिक मंच की तलाश करेंगे ताकि जनता की आवाज उठा सकें। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि वे स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले हैं। उन्होंने इसके लिए जनता से राय मांगी है।
मनीष कश्यप ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था और कुर्सी से है, जो बिहार को लूट रही है। आख़िर गरीब कहां जाए? मैं कई कहानियां आपके सामने लाऊंगा। मैं मर्यादा में रहूंगा और कभी भी उसकी सीमा नहीं पार करूंगा। इस्तीफे के अंत में उन्होंने भाजपा कार्यकाल के लिए पार्टी और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद देते हुए कहा कि मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मुझे एक साल एक महीने तक पार्टी में रखा। मैं जितना भी पार्टी में रहा, उतना काम ईमानदारी से किया।


