Jharkhand News : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार अब केंद्र सरकार से बकाया राशि का हिसाब-किताब करने की तैयारी में है। सरकार ने केंद्र सरकार पर राज्य के बकाये की गणना भी शुरू कर दी है। वित्त विभाग ने इसे लेकर 12 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव को पत्र लिखा है।
वित्त सचिव प्रसन्न कुमार द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार के विभिन्न उपक्रमों पर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों का राजस्व बकाया है। ऐसे में सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी बकाया राशि का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। दरअसल, राज्य सरकार का मानना है कि केंद्र सरकार और कोयला कंपनियों पर झारखंड का लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया है। इस राशि के अलावा केंद्र और राज्य के विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत भी करोड़ों रुपये बकाया हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, नल जल योजना जैसे प्रमुख कार्यक्रम शामिल हैं। ऐसे में नए सिरे से बकाये की गणना आवश्यक मानी जा रही है।
वित्त विभाग ने 24 मार्च को इस संदर्भ में विभिन्न विभागों को पत्र लिखा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस राशि के अतिरिक्त विशेष सहायता अनुदान की बकाया राशि को लेकर राज्य सरकार एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने पर विचार कर रही है। यह समिति केंद्र सरकार से बकाया वसूली की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी।




