Bihar Politics: बिहार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और इसमें पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत सामने आ रही है। यह आरोप किसी विपक्षी नेता ने नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के मंत्री और एनडीए सहयोगी चिराग पासवान ने लगाया है। इस दौरान चिराग ने पुलिस और प्रशासन पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
चिराग पासवान ने वैशाली जिले के गोरौल प्रखंड स्थित पीरापुर गांव में संजना भारती हत्याकांड के पीड़ित परिजनों से मुलाकात के दौरान कहा कि बिहार में अपराधी पुलिस के सहयोग से बेखौफ हैं। जब तक बड़े पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कुछ नहीं बदलेगा। चिराग ने यह भी कहा कि अपराधी थानों में पुलिस को पैसे देकर बच निकलते हैं और पीड़ित परिवारों को धमकाया जाता है। उन्होंने संजना भारती हत्याकांड को लेकर गहरी नाराजगी जताई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की।
दरअसल, पीरापुर गांव की संजना भारती का 27 मई को अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के 1 माह 13 दिन बाद उसका शव जमीन में दबा हुआ मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित परिवार की ओर से दर्ज आवेदन के बावजूद गोरौल और भगवानपुर थानों ने शव बरामद होने तक कोई केस दर्ज नहीं किया था। इस लापरवाही को देखते हुए वैशाली एसपी ने दोनों थानाध्यक्षों को निलंबित कर दिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है, और पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं।
बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब चिराग पासवान ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी वे राज्य में बढ़ते अपराध और प्रशासनिक ढिलाई को लेकर चिंता जता चुके हैं। उनके ताजा बयान से बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा सकती है।



