Budget Session 2026: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही जारी है। सदन में प्रश्नोत्तरकाल खत्म होने के बाद कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा हुई। यह कार्यस्थगन प्रस्ताव अरुण सिंह की तरफ से लाया गया था, जिसे स्पीकर ने अस्वीकार कर दिया लेकिन उसे सदन में पढ़ने की इजाजत दे दी।
काराकाट से सीपीआई के विधायक अरुण सिंह ने सदन को बताया कि सदन को पता है कि जहानाबाद और औरंगाबाद की छात्रा पटना में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थीं लेकिन हॉस्टल में दोनों लड़कियों के साथ बलात्कार और हत्या जैसी जघन्य घटना हुई है।
उन्होंने कहा कि ये घटनाएं राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था तथा पुलिस प्रशासन की गंभीर विफलता को उजागर करती हैं। यह अत्यंत चिंताजनक है कि शुरू से ही पुलिस की कार्यशैली नाकारात्मक रही है। पुलिस पर रेप और हत्या की घटना से इनकार करने और दोषियों को बचाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
उन्होंने कहा कि जन आंदोलन और व्यापक दबाव के कारण सरकार को सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी पड़ी है लेकिन न्याय की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच की अनुशंसा पर्याप्त नहीं है। आवश्यक है कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सीटिंग जज के निगरानी में कराई जाए और न्याय के लिए निश्चित समय सीमा निर्धारित की जाए।
इसपर स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार ने इस घटना पर संज्ञान लिया है और इसपर कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान विपक्ष के विधायकों ने इसपर चर्चा कराने की मांग की हालांकि स्पीकर ने कहा कि कार्यस्थगन प्रस्ताव को अमान्य कर दिया गया है लेकिन मैंने पढ़ने की अनुमति दी है। मामला सरकार के संज्ञान में है और कार्रवाई की जा रही है।




