Rajya Sabha Election: बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप कर लिया। इस चुनाव में महागठबंधन के चार विधायकों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया, जिसके कारण चुनावी समीकरण पूरी तरह एनडीए के पक्ष में चले गए।
जिन विधायकों ने वोटिंग में भाग नहीं लिया उनमें कांग्रेस के सुरेंद्र कुशवाहा, मनोहर प्रसाद सिंह, मनोज विश्वास और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक फैसल रहमान शामिल हैं। राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद इन विधायकों ने मतदान से दूर रहने की वजह भी बताई है।
वाल्मीकिनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा के मीडिया प्रभारी विनय यादव ने बताया कि वे महागठबंधन द्वारा घोषित उम्मीदवार से नाराज थे। उनका मानना था कि राजद नेता और बगहा चीनी मिल के मालिक दीपक यादव को उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था। गौरतलब है कि सुरेंद्र कुशवाहा पहले उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के टिकट पर वाल्मीकिनगर से चुनाव लड़ चुके हैं।
मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह ने कहा कि महागठबंधन की ओर से दलित, अल्पसंख्यक या ओबीसी वर्ग से उम्मीदवार नहीं बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वर्गों की अनदेखी कर अन्य कोटे से प्रत्याशी उतारा गया, जिसके विरोध में उन्होंने मतदान का बहिष्कार किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस में ही बने रहेंगे।
वहीं फारबिसगंज से कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि जब पार्टी के विधायकों को ही सम्मान नहीं मिलेगा तो वोट देने का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस के प्रति निष्ठावान हैं और पार्टी में ही बने रहेंगे, हालांकि कई मुद्दे ऐसे हैं जिन्हें समय आने पर सामने लाया जाएगा।
उधर, ढाका से राजद विधायक फैसल रहमान के पारिवारिक सूत्रों के अनुसार वे अपनी बीमार मां रुक्साना खातून के इलाज के लिए दिल्ली में हैं। उनकी मां पिछले करीब एक महीने से बीमार हैं। इसी पारिवारिक वजह के चलते वे राज्यसभा चुनाव के मतदान में शामिल नहीं हो सके।


