Bihar Politics: बेगूसराय के मटिहानी विधानसभा के जेडीयू के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से पटना में मुलाकात की है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर यह मुलाकात काफी अहम है। इस मुलाकात के बाद संभावना जताई जा रही है कि बोगो सिंह आरजेडी के टिकट पर मटिहानी से बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि बोगो सिंह की राजद से टिकट की दावेदारी को लेकर कोशिशें तेज हो गई हैं। यदि उन्हें राजद से उम्मीदवार बनाया जाता है तो मटिहानी सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद सत्तारूढ़ जेडीयू विधायक राजकुमार सिंह के समर्थकों में हलचल देखी जा रही है।
वहीं, स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि अगर बोगो सिंह राजद से मैदान में उतरते हैं तो उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। बोगो सिंह ने मुलाकात के बाद कहा कि तेजस्वी यादव की सरलता, मार्गदर्शन और सकारात्मक विचारधारा से उन्हें ऊर्जा मिली है। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्र और समाज की बेहतरी से जुड़े कई मुद्दों पर सार्थक विमर्श हुआ है।
मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए बोगो सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, “पटना में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री तेजस्वी यादव जी से सफलतापूर्वक भेंट करने का अवसर प्राप्त हुआ। इस मुलाक़ात के दौरान विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं अपने मटिहानी विधानसभा परिवार हेतु जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। श्री तेजस्वी यादव जी की सरलता, मार्गदर्शन एवं सकारात्मक विचारधारा से ऊर्जा मिली। उनसे हुई यह बातचीत भविष्य में क्षेत्र और समाज की बेहतरी हेतु नये आयाम तय करने में सहायक सिद्ध होगी”।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में सबसे रोमांचक मुकाबले की गवाह बनी मटिहानी सीट से बाहुबली नेता नरेंद्र सिंह उर्फ बोगो सिंह ने 2025 का चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। बोगो सिंह लगातार चार बार मटिहानी से विधायक रह चुके हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत 2005 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत के साथ की थी। इसके बाद उन्होंने तीन बार और जीत दर्ज की, जिनमें से अंतिम दो बार वे जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार थे।
2020 के चुनाव में मटिहानी में बेहद कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला था। इस चुनाव में बोगो सिंह को लोजपा प्रत्याशी से सिर्फ 333 वोट से हार का सामना करना पड़ा, जबकि सीपीएम के राजेंद्र प्रसाद सिंह महागठबंधन की ओर से चुनाव लड़ते हुए विजेता से मात्र 765 वोट के अंतर से तीसरे स्थान पर रहे।


