Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इन दिनों "जमाई पॉलिटिक्स" एक नया गर्म मुद्दा बन गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के हालिया बयान कि "बिहार में नेशनल दामाद आयोग चल रहा है” उन्होंने एनडीए सरकार पर तंज कसते हुए सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। इस बयान के बाद राज्य के मंत्री अशोक चौधरी ने तीखा पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव और लालू परिवार पर परिवारवाद का आरोप लगाया है।
दरअसल, कटिहार दौरे पर पहुंचे अशोक चौधरी ने कहा, "सूप बोले चलनी से, जिसमें खुद सत्तर छेद"। उन्होंने लालू प्रसाद यादव के उस पुराने विरोध की याद दिलाई जब उन्होंने महावीर मंदिर के निर्माण का विरोध किया था। अशोक चौधरी ने कहा कि लालू यादव नहीं चाहते थे कि मंदिर बने, लेकिन किशोर कुणाल ने इसे पूरा किया। अब उसी टीस को तेजस्वी यादव आगे बढ़ा रहे हैं और अपने राजनीतिक विरोध की भावना में सायन कुणाल (जो कि अशोक चौधरी के दामाद हैं) को निशाना बना रहे हैं। मंत्री ने इसे एक सुनियोजित सियासी साजिश करार दिया।
चौधरी ने न सिर्फ आरोप लगाए, बल्कि सरकार की उपलब्धियों की सूची भी गिनवाई। उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार के विकासात्मक कार्यों में एनडीए की भूमिका ऐतिहासिक रही है और लालू परिवार ने राज्य को वर्षों पीछे धकेल दिया था। सियासत में अब यह मुद्दा गरमाता जा रहा है कि क्या 2025 के विधानसभा चुनावों में "जमाई पॉलिटिक्स" एक नया मोड़ लाएगी?

