Bihar Politics: विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारकर एनडीए और महागठबंधन को टक्कर देने की तैयारी कर रहे जन सुराज पार्टी के चीफ प्रशांत किशोर को लेकर जेडीयू ने बड़ा खुलासा कर दिया है। जेडीयू ने बताया है कि आखिर वह कौन सी वजह थी कि सीएम नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को पार्टी से बाहर निकाल दिया था।
दरअसल, बिहार में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बना चुके प्रशांत किशोर ने इस बार जनसुराज पार्टी के बैनर तले मैदान में उतरने का ऐलान किया है। वे लगातार प्रदेशभर में घूम-घूमकर जनता से संवाद कर रहे हैं और JDU, RJD, कांग्रेस व बीजेपी चारों पर निशाना साध रहे हैं।
इस बीच जनता दल (यूनाइटेड) के विधान पार्षद संजय सिंह ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला है। रविवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने कहा कि जब प्रशांत किशोर JDU में थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उपमुख्यमंत्री का पद मांगा था। उनका उद्देश्य सिर्फ सत्ता और पद प्राप्त करना था, न कि जनता की सेवा।
संजय सिंह ने कहा कि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें सम्मान दिया, लेकिन अब वही प्रशांत किशोर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। ये सिर्फ सत्ता के सौदागर हैं, शुद्ध रूप से व्यापारी। जनसुराज पार्टी उन्होंने सिर्फ पैसा खपाने के लिए बनाई है लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को नई पहचान दी है।

