Bihar politics: राजनीति में बयानबाज़ी का दौर तेज़ हो गया है, खासकर बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर। कांग्रेस छोड़ चुके नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम जो एक समय प्रियंका गाँधी के बेहद करीबी मने जाते थे , उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस और राजद पर पर तीखा हमला बोला है। उनका दावा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और राजद प्रमुख तेजस्वी यादव मिलकर बिहार को पश्चिम बंगाल जैसा बनाना चाहते हैं।
दिल्ली में हुई बैठक के बाद उठा सियासी तूफान
मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं की एक अहम बैठक हुई। यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास पर आयोजित की गई थी, जिसमें चुनावी रणनीति और सीटों के तालमेल पर चर्चा हुई। इस मीटिंग में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, मनोज झा, संजय यादव सहित कई अन्य नेता शामिल थे।
प्रमोद कृष्णम का बयान – "हिंदू समाज के लिए चुनौती"
बैठक के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने हमला बोलते हुए कहा, "राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की मंशा बिहार को पश्चिम बंगाल की दिशा में धकेलने की है। अब यह बिहार की आम जनता, खासकर हिंदू समाज पर निर्भर करता है कि वह इस स्थिति को स्वीकार करती है या विरोध करती है।" उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा का ज़िक्र करते हुए कहा कि देश में हिंदू समाज संकट के दौर से गुजर रहा है, और इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
खरगे बोले - "बिहार में परिवर्तन तय है"
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बैठक को सफल बताया और कहा, "बिहार की जनता इस बार बदलाव के मूड में है। महागठबंधन एक मज़बूत, न्यायप्रिय और विकासपरक विकल्प के रूप में सामने आएगा, जो भाजपा और उसके सहयोगियों की नीतियों से जनता को राहत दिलाएगा।"
अक्टूबर-नवंबर में हो सकते हैं विधानसभा चुनाव
गौरतलब है कि बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जिनमें कुल 243 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। सभी प्रमुख दलों ने अपनी तैयारियाँ शुरू कर दी हैं, और बयानबाज़ी का सिलसिला तेज़ हो गया है।


