BEGUSARAI: केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने रविवार को बेगूसराय में आयोजित एक जनसभा के दौरान बड़ा राजनीतिक बयान दिया। मंच से बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अगली बार बिहार में उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो राज्य में रह रहे एक-एक बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को धक्के मारकर बाहर निकाला जाएगा।
गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस और आरजेडी के लोग SIR (सीआईआर/एनआरसी) का विरोध कर रहे हैं। वे ऐसा करके महज वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। लेकिन हम डंके की चोट पर कहते हैं कि देश और बिहार में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं होगी।”
मस्जिदों से फतवे पर साधा निशाना
गिरिराज सिंह ने सभा के दौरान धार्मिक राजनीति को लेकर भी विवादास्पद टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “आप मस्जिद जाइए, नमाज पढ़िए। हमें कोई आपत्ति नहीं। लेकिन अगर मस्जिदों से यह राजनीति होगी कि किसे वोट देना है और किसे नहीं, इसके लिए फतवे जारी होंगे, तो मंदिरों से भी घड़ी-घंट की आवाज़ गूंजेगी।”
बेगूसराय से फिर बढ़ी सियासी गर्माहट
गिरिराज सिंह का यह बयान बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है। पहले भी गिरिराज सिंह अपने तीखे बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। बेगूसराय में उनकी इस घोषणा के बाद सीमांचल और सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठियों के मुद्दे पर बहस और तेज हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले घुसपैठ और धर्म आधारित राजनीति के मुद्दों को फिर से केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है। वहीं, कांग्रेस और आरजेडी जैसे विपक्षी दल पहले ही इस मुद्दे पर बीजेपी पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाते रहे हैं।


