Bihar Politics: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होती जा रही है। सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटी हुई हैं और जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे और रैलियां भी आयोजित कर रही है। ऐसे में बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में से एक, ‘छोटे सरकार’ के नाम से प्रसिद्ध अनंत सिंह, एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
मंगलवार यानी आज, 16 सितंबर मोकामा में आयोजित हो रहे एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन ने राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा को हवा दे दी है। इसकी वजह है कि मोकामा विधानसभा के इलाको में इस कार्यक्रम को लेकर जो पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं, उसमें अनंत सिंह का चेहरा काफी चमक रहा है। जबकि अधिकारिक तौर पर अनंत सिंह फिलहाल किसी राजनीतिक पार्टी के मेंबर नहीं है। हालांकि वह दावा करते है कि इस बार के विधानसभा के चुनाव में वह जेडीयू के सिंबल पर मैदान में होंगे। ऐसे में आज उनके, इन दावों पर फाइनल मुहर लग सकती है।
जानकारी हो कि, मोकामा विधानसभा के मोर गांव में आज एक बड़ा कार्यक्रम एनडीए के तरफ से आयोगित किया गया है,इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य नेता जेडीयू के सांसद ललन सिंह, भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी, बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी, शिला मंडल समेत कई प्रमुख नेता की मौजूद रहेंगे। ऐसे में इन नेताओं के तरफ से जब आज मोकामा विधानसभा इलाके के कार्यकर्ताओं में जोश और उर्जा भरी जाएगी, तो इस दौरान जो देखने वाली अहम बात होगी वह कुछ तरह की होगी कि क्या वह नेता अपने संबोधन में अनंत सिंह का नाम शामिल करेंगे और इशारा करेंगे की मोकामा से अनंत सिंह ही उनके लिए अगुवाई करेंगे या नहीं या फिर इसे महज एक कार्यकर्ता सम्मेलन की तरह देखेंगे।
मालूम हो कि, पिछले दिनों जेडीयू के सीनियर लीडर ललन सिंह ने इशारों ही इशारो में इस बात के संकेत दे दिए थे कि मोकामा से अनंत सिंह ही जेडीयू के कैंडिडेट हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अधिकारिक तौर पर इस बात का ऐलान नहीं किया था। लेकिन, जिस तरह से उन्होंने अनंत सिंह के साथ रोड शो किया था उससे यह साफ हो गया था कि मोकामा विधानसभा इलाके से कैंडिडेट तो अनंत सिंह ही होंगे। इसके लिए अब बस सही समय और मूहुर्त का इंतजार किया जा रहा था। ऐसे में आज वह समय और मूहुर्त हो सकता है।
इधर, जेडीयू के तरफ से मोकामा विधानसभा इलाके से आने वाले नेता और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने अनंत सिंह को लेकर मोर्चा खोल रखा है। उनका कहना है कि अनंत सिंह अपराधिक छवी के नेता है और हर समय दल बदलते रहते है जिससे विकास भी सही से नहीं हो पाता है,लिहाजा पार्टी को एक टिकाऊ और साफ- सुथरी छवी वाले नेता को अपना कैंडिडेट बनाना चाहिए। इसके साथ ही पिछले उपचुनाव में यहां से भाजपा के कैंडिडेट रही सोनम देवी के पति ललन सिंह ने भी अनंत सिंह को लेकर विरोध किया है। ऐसे में मोकामा की राजनीति काफी गर्म है,ऐसे में आज जब मंच से अनंत सिंह को लेकर संकेत मिलेंगे तो सब कुछ खुद साफ़ हो जाएगा और उसके बाद कहीं भी किसी को यह दुविधा नहीं रहेगी की कैंडिडेट कौन होंगे।
बहरहाल, अब देखना यह है कि एनडीए अनंत सिंह पर भरोसा दिखाती है या फिर नीरज कुमार की बातों पर भरोसा दिखाती है। हालांकि जिस तरह से राजनीतिक घटनाक्रम इस विधानसभा सीट पर देखने को मिला है उससे संकेत तो यही मिल रहा है कि अनंत सिंह ही इस सीट से एक बार फिर कैंडिडेट हो सकते है। हालांकि, राजनीति में जब भी कोई चीज़ आधिकारिक तौर पर न आए तो कुछ भी कहा जाना महज एक कल्पना मानी जाती है,ऐसे में आज कि यह बैठक अपने आप में काफी अहम मानी जा रही है।





