Budget 2026: संसद में रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से भी क्या अपेक्षा की जा सकती है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम। हमने पहले ही कहा था कि सवाल यह नहीं है कि शेयर बाजार रविवार को खुलेगा या नहीं, सवाल यह है कि और कितना गिरेगा।”
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का हर बजट सिर्फ चुनिंदा पांच प्रतिशत लोगों के लिए होता है। उन्होंने कहा, “हम भाजपा के बजट को 1/20 का बजट मानते हैं, क्योंकि यह आम जनता के लिए नहीं, बल्कि अपने लोगों और कमीशनखोरों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया जाता है। यह बजट भाजपाई भ्रष्टाचार का अदृश्य खाता-बही है।”
अखिलेश यादव ने कहा कि इस बजट में न आम जनता का ज़िक्र है और न ही उनकी चिंता। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके बावजूद आम लोगों को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई, जो सीधे तौर पर टैक्स-शोषण है। उन्होंने दावा किया कि अमीरों के व्यापार और ऐशो-आराम के लिए कई तरह की छूट दी गई है, जबकि बेरोजगारी और बेकारी से जूझ रहे युवाओं की उम्मीदें पूरी तरह खाली हैं। सपा अध्यक्ष ने बजट को निराशाजनक और निंदनीय बताया।
इसके अलावा अखिलेश यादव ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गांवों में पहले से छपे फॉर्म-7 भेजे जा रहे हैं, जिनके जरिए फर्जी आपत्तियां दर्ज कर विपक्षी मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में शिकायतकर्ता का कोई अस्तित्व नहीं है और फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए नाम कटवाए जा रहे हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रक्रिया में खासतौर पर पीडीए समाज और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। कई मतदाताओं को यह तक पता नहीं है कि उनके सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद उनके नाम पर आपत्ति दर्ज कर दी गई है। अखिलेश यादव ने माननीय न्यायालय, निर्वाचन आयोग और मीडिया से इस कथित महाघोटाले का संज्ञान लेने की अपील की और कहा कि समाजवादी पार्टी ऐसे मामलों को मजबूती से सामने लाती रहेगी।




