ब्रेकिंग
CBSE 10th Result 2026: जल्द जारी होंगे CBSE बोर्ड 10वीं के रिजल्ट, DigiLocker पर ऐसे चेक करें नतीजेकिशनगंज SDPO की ‘भ्रष्ट लीला’: पत्नी और गर्लफ्रेंड ही नहीं नौकरानी को भी बना दिया ‘रानी’, 35 लाख की THAR से काम पर आती थी करोड़पति पारोबिहार पुलिस की कस्टडी में युवक की संदिग्ध मौत पर बवाल, थाने में बेरहमी से मारपीट का आरोप‘देश को ‘इस्लामिक भारत’ बनाना चाहते हैं कुछ मुस्लिम संगठन’, UCC को लेकर AIMPLB के विरोध पर बरसे गिरिराज सिंहBRABU के 70 सहायक प्राध्यापक की नौकरी पर संकट, कई रसूखदारों के संबंधी भी जांच के घेरे में; क्या है वजह?CBSE 10th Result 2026: जल्द जारी होंगे CBSE बोर्ड 10वीं के रिजल्ट, DigiLocker पर ऐसे चेक करें नतीजेकिशनगंज SDPO की ‘भ्रष्ट लीला’: पत्नी और गर्लफ्रेंड ही नहीं नौकरानी को भी बना दिया ‘रानी’, 35 लाख की THAR से काम पर आती थी करोड़पति पारोबिहार पुलिस की कस्टडी में युवक की संदिग्ध मौत पर बवाल, थाने में बेरहमी से मारपीट का आरोप‘देश को ‘इस्लामिक भारत’ बनाना चाहते हैं कुछ मुस्लिम संगठन’, UCC को लेकर AIMPLB के विरोध पर बरसे गिरिराज सिंहBRABU के 70 सहायक प्राध्यापक की नौकरी पर संकट, कई रसूखदारों के संबंधी भी जांच के घेरे में; क्या है वजह?

Hate Speech Case: हेट स्पीच मामले में कोर्ट ने अब्बास अंसारी को ठहराया दोषी, थोड़ी देर में सजा का ऐलान

Hate Speech Case: मऊ विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। साल 2022 में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी. अब सजा के ऐलान के साथ उनकी विधायकी पर संकट मंडरा रहा है.

Hate Speech Case
अब्बास अंसारी दोषी करार
© google
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Hate Speech Case: माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ सदर सीट से विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में मऊ के जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी करार दिया है। आज इस मामले में सजा का ऐलान किया जाना है। कोर्ट के फैसले पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि सजा होने की स्थिति में अब्बास अंसारी की विधायकी रद्द हो सकती है।


यह मामला वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान का है, जब मऊ के पहाड़पुरा इलाके में आयोजित एक जनसभा में अब्बास अंसारी ने कथित रूप से विवादित बयान दिया था। आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों को सत्ता में आने के बाद "हिसाब-किताब करने" की धमकी दी थी, जिसे हेट स्पीच की श्रेणी में माना गया।


इस बयान को लेकर मऊ कोतवाली में सब इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद अब्बास अंसारी और उनके भाई उमर अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। दोनों भाई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए थे।


करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद, आज इस बहुचर्चित मामले में अंतिम फैसला आ रहा है। अदालत का यह फैसला न केवल अब्बास अंसारी के राजनीतिक भविष्य, बल्कि उनकी विधानसभा सदस्यता को भी तय करेगा कि क्या वह विधायक बने रहेंगे या उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें