1st Bihar Published by: Updated Jun 20, 2021, 8:46:08 AM
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PATNA : बिहार में कोरोना टीकाकरण अभियान को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों में खासतौर पर मुखिया जी की उदासीनता को लेकर अब राज्य सरकार गंभीर हो गई है. राज्य सरकार ने अब सख्त रवैया अपनाते हुए कहा है कि अगर किसी ने कोरोना का टीका नहीं लिया तो उसके पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी जाएगी. पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत चुनाव लड़ने वाले सभी लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन लेना अनिवार्य होगा.
सम्राट चौधरी ने कहा त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत चुनाव लड़ने वाले सभी लोगों को कोरोना वायरस से बचने वाला टीका लगाना होगा. कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए यह जरूरी है. इसके लिए पंचायती राज विभाग राज्य निर्वाचन आयोग से अगले चुनाव से पहले इस आशय की व्यवस्था करने का आग्रह कर रहा है.
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि ऐसे कड़े नियम बनाए जाए जिससे सभी पंचायती राज के जनप्रतिनिधि सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में हिस्सा लें. वे चाहते हैं कि अगले पंचायत चुनाव के दौरान चुनाव लड़ने वाले वैसे जनप्रतिनिधियों को अयोग्य घोषित किया जाए जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लिया है. इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग से अपील है कि वह इस पर गंभीरता से फैसला ले और टीका नहीं लगाने वाले को चुनाव लड़ने पर रोक लगाएं.
मंत्री ने कहा कि फिलहाल कोरोना से बचाव का सबसे बेहतर उपाय टीकाकरण ही है. सभी चुनाव लड़ने वालों से यह भी कहा जाएगा कि वह अपने पूरे परिवार का तो टीकाकरण करवाएं ही, साथ ही अपने अगल-बगल के लोगों और वोटरों को भी तेजी से टीकाकरण के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि कोरोना टीकाकरण की रफ्तार और तेज करने के लिए यह फैसला लिया गया है. फिलहाल परामर्शी समिति के मेंबर के रूप में काम कर रहे थे. त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के जनप्रतिनिधियों से भी कोरोना टीकाकरण को अभियान के रूप में देने की अपील की गई है.