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15-Dec-2024 09:48 AM
By SONU
KATIHAR : बिहार के कटिहार से एक सनसनीखेज मामला निकल कर सामने आया है। जहां ग्रुप लोन की वजह से एक युवक ने अपनी जान दे दी है। इस घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल कायम हो गया है। यहां अबतक दर्जनों लोगों नें मौत को गले लगा लिया है। ग्रुप लोन के इस माया जाल के कारण कई घर-परिवार तबाह हो गए।
दरअसल,बिहार के कटिहार जिले के दुआशय पंचायत के कनदरपैली गांव में नॉन बैंकिंग ग्रुप लोन के कर्ज से परेशान एक परिवार पूरी तरह तबाह हो गया। यहां ग्रुप लोन के कारण एक शख्स ने आत्महत्या कर ली। इसके बाद उसकी पत्नी सुध-बुध छोड़कर बेहोश हो गई। गोद मे एक वर्ष की बच्ची यह समझ नहीं पा रही है कि आखिर उसके पिता को हुआ क्या है?
परिजनों नें बताया कि संजीब ठाकुर पिता नारद ठाकुर हरियाणा के जिन्द शहर में परिवार की माली हालत सुधारने के लिए तिहाड़ी मजदूर करने के लिए गए हुए थे।यहाँ उनकी पत्नी किरण देवी को नॉन बैंकिंग कंपनी के लोगों द्वारा सब्जवाग दिखाकर एक नहीं कई नॉन बैंकिंग कंपनी से लोन दिला दिया गया। हर सप्ताह लोन की किस्त भरने में असमर्थ होने के बाद रिकवरी एजेंट ने लगातार फोन कर उसके पति संजीब ठाकुर को परेशान कर धमकी देने लगे।
इसके बाद संजीब ठाकुर ने पैसे की व्यवस्था नहीं होने के बाद डिप्रेशन में आकर लाइव वीडियो बनाकर सुसाइड कर लिया और इसका सारा आरोप नॉन बैंक कंपनी पर लगाया है। परिजनों ने बताया कि ग्रुप लोन चुकाने में असमर्थ परिवार पर जब लोन की रकम वापस करने का दबाव बढ़ता गया तो हारकर उसने गले में फंदे लगाकर आत्महत्या कर लिया। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने बताया है कि ग्रुप लोन का माया जाल कई और लोगों की जिंदगी तबाह कर सकता है सरकार इसपर जल्द एक्शन नहीं लिया तो नॉनबैंकिंग ग्रुप लोन के कर्ज से ग्रामीण तबाह होते रहेंगे।