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दरभंगा: साइकिल गर्ल ज्योति के पिता का निधन, लंबे समय से थे बीमार, गांव में मातम का माहौल

1st Bihar Published by: PRASHANT KUMAR Updated May 31, 2021, 11:35:43 AM

दरभंगा: साइकिल गर्ल ज्योति के पिता का निधन, लंबे समय से थे बीमार, गांव में मातम का माहौल

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DARBHANGA: कोरोनाकाल में अपने बीमार पिता को गुरुग्राम से दरभंगा लाने वाली साइकिल गर्ल ज्योति के पिता मोहन पासवान का निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। पिता की मौत से ज्योति काफी सदमे में हैं। इस घटना की खबर मिलते ही ग्रामीण इस दुख की घड़ी में ज्योति को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। 

 


गौरतलब है कि कोरोना की पहली लहर में ज्योति अपने बीमार को पिता को साइकिल पर बिठाकर गुरुग्राम से दरभंगा पहुंची थी।  8 दिनों में 1200 किलोमीटर की दूरी तय कर साइकिल गर्ल ज्योति दरभंगा स्थित अपने गांव सिरहुल्ली पहुंची थी।


बीमार पिता को साइकिल पर बिठाकर घर लाने की बात जब मीडिया में आई तब उस वक्त ज्योति उस वक्त काफी सुर्खियों में रहीं। उसे साइकिल गर्ल के नाम से लोग जानने लगे। ज्योति की इस जज्बे की लोगों ने खुब तारीफ भी की थी। आज ज्योति के पिता मोहन पासवान के निधन से पूरे गांव में मातम का माहौल है। इस घटना की खबर मिलते ही ग्रामीण इस दुख की घड़ी में ज्योति को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।  


25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ज्योति कुमारी से वर्चुअल संवाद के जरिये बात की थी। साइकिल गर्ल ज्योति इस बार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 से भी नवाजी जाएंगी। ज्योति ने बताया था कि उसने श्रद्धा भाव से अपने बीमार पिता की सेवा की और उनकी जान बचाने को साइकिल से घर पहुंचने का निर्णय लिया था। इसमें वह सफल भी हो गईं।  


बिहार के दरभंगा की रहने वाली साइकिल गर्ल ज्योति कुमारी के पिता मोहन पासवान का हार्ट अटैक से निधन हो गया। उन्होंने सोमवार को पैतृक गांव सिरहुल्ली में अंतिम सांस ली। ज्योति का परिवार अभी भी गरीबी में रहने को मजबूर है। पिता की मौत के बाद परिवार चलाने वाला भी कोई नहीं रहा है। अब,साइकिल गर्ल ज्योति ने अपने परिवार की मदद के लिए अपील की है। उन्होंने पीएम मोदी से भी मदद की गुहार लगाई है। ज्योति के जज्बे को पीएम ने भी सलाम किया था। इसके बावजूद भी साइकिल गर्ल के परिवार की स्थिति नहीं बदली। सबकुछ वैसा ही रह गया।


दरअसल, पिछले साल लॉकडाउन में अपने बीमार पिता को साइकिल से गुरुग्राम से दरभंगा अपने गांव लेकर आई थी। उसने 1200 किमी का सफर साइकिल से तय किया था। इसको लेकर वह देश ही नहीं, विदेशों की भी मीडिया में छा गई थी। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने ट्वीट कर जज्बे को सलाम किया था।