1st Bihar Published by: Updated Jun 01, 2021, 7:48:21 AM
- फ़ोटो
PATNA : कोरोना की तीसरी लहर की।आशंका को देखते हुए राज्य सरकार अभी से तैयारी में जुटी हुई है। तीसरी लहर के दौरान बच्चों को संक्रमण से बचाव और इलाज के लिए 27 जिलों में बच्चों का 10 बेड का आईसीयू बनाने का फैसला किया गया है। ये आईसीयू जिला अस्पताल या संबंधित जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बनाये जाएंगे। इसके अतिरिक्त सभी जिलों में 10 से 20 बेड का सीपीसीयू (कंप्रिहेंसिव पीडियाट्रिक केयर यूनिट) बनाये जाएंगे। सरकार ने इसके लिए दो माह का समय निर्धारित किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की हाई लेवल मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की बैठक में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान बच्चों को बचाने के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा हुई और सरकार ने इसके लिए बनाई गई कार्य योजना की समीक्षा की है। बैठक में यह तय हुआ कि एक सप्ताह के अंदर राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में बच्चों के इलाज की सुविधा का आकलन करने और उसकी रिपोर्ट विभाग को कार्रवाई के लिए देने, दो सप्ताह के अंदर राज्य में संचालित पीकू और सीपीसीयू को चालू करने, एक सप्ताह में बच्चों के इलाज के लिए जरूरी दवाओं, उपकरणों का आकलन करने और उसके भंडारण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसमें विशेष रूप से 0 से 2 साल के बच्चों के लिए ऑक्सीमीटर के इंतजाम का फैसला शामिल है।
अस्पतालों में बच्चों के लिए ऑक्सीजन युक्त बेड, जांच व इलाज के लिए समन्वय बनाने, प्रशिक्षण देने के बिंदुओं पर भी निर्णय लिए गए। बैठक में मौजूद रहे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके जायसवाल, एम्स के सहायक प्राध्यापक डॉ. लोकेश तिवारी, यूनिसेफ के डॉ. एसएस रेड्डी ने पूरे प्लान पर चर्चा की। आपको बता दें कि दरभंगा में चार बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद सरकार के होश उड़े हुए हैं।