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Life Style: महिलाएं न करें इन लक्षणों को नजरअंदाज, हो सकती हैं बीमारियों की शिकार

Life Style: अक्सर महिलाएं थकान, चक्कर आना, बाल झड़ना या चेहरे की रंगत फीकी पड़ने जैसी समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन क्या आप जानते है की ये लक्षण आयरन की कमी का संकेत हो सकते हैं।

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Life Style: अक्सर महिलाएं थकान, चक्कर आना, बाल झड़ना या चेहरे की रंगत फीकी पड़ने जैसी समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन क्या आप जानते है की ये लक्षण आयरन की कमी का संकेत हो सकते हैं। शरीर में आयरन की स्थिति का सही आकलन करने के लिए फेरेटिन टेस्ट सबसे सटीक जांच मानी जाती है। 


बता दें कि यह एक ब्लड टेस्ट है जो शरीर में मौजूद फेरेटिन नामक प्रोटीन के स्तर को मापता है, जो आयरन को स्टोर करने का काम करता है। अगर फेरेटिन का स्तर कम हो, तो यह शरीर में आयरन की कमी को दर्शाता है, और अगर यह ज्यादा हो, तो यह किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकता है।


डॉक्डरों का कहना है कि महिलाओं को नियमित रूप से यह टेस्ट करवाना चाहिए, क्योंकि मासिक धर्म, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान आयरन की जरूरत बढ़ जाती है। इसके अलावा, कई बार पोषण की कमी और असंतुलित आहार भी आयरन डिफिशिएंसी का कारण बन सकते हैं। अगर किसी महिला को बार-बार थकान, कमजोरी, सिर चकराना, सांस फूलना, पीली त्वचा या ज्यादा बाल झड़ने की समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर यह टेस्ट करवाना चाहिए।


फेरेटिन का स्तर सामान्य बनाए रखने के लिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, बीन्स, चुकंदर, अनार, खजूर और गुड़ का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही, विटामिन C युक्त फलों जैसे संतरा, नींबू और आंवला का सेवन आयरन के बेहतर अवशोषण में मदद करता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आयरन और फोलिक एसिड सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं।फेरेटिन टेस्ट एक साधारण लेकिन बेहद जरूरी जांच है, जो महिलाओं को समय रहते आयरन की कमी और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचा सकती है। 

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PRIYA DWIVEDI

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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