ब्रेकिंग
UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंधUCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध

राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण घोटाला मामला, पूर्व सीएम मधु कोड़ा पर हाई कोर्ट ने तीसरी बार लगाया जुर्माना

मधु कोड़ा पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री के पद का दुरुपयोग करते हुए हैदराबाद की बिजली कंपनी आईवीआरसीएल के डायरेक्टर डीके श्रीवास्तव से मुंबई में 11.40 करोड़ रुपए घूस ली थी।

JHARKHAND NEWS
तीसरी बार जुर्माना
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

JHARKHAND NEWS: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा पर झारखंड हाईकोर्ट ने 4 हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। बार-बार समय लेने बाद भी मधु कोड़ा ने जवाब दाखिल नहीं किया। जिसके बाद झारखंड हाई कोर्ट ने जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार में जमा करने का निर्देश हाई कोर्ट ने दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी।  


झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण घोटाले के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने ₹4000 का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना इसलिए लगाया गया क्योंकि उन्होंने निचली अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने को चुनौती देने के लिए तीसरी बार समय मांगा था।


अब तक कितने जुर्माने लगे?

13 दिसंबर 2023 – ₹1000

17 जनवरी 2025 – ₹2000

अब (2025 की ताजा सुनवाई) – ₹4000 रुपये कोर्ट ने आदेश दिया है कि यह राशि झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी में जमा की जाए।


क्या है मामला?

मधु कोड़ा पर मुख्यमंत्री पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। उन्होंने हैदराबाद की बिजली कंपनी IVRCL के डायरेक्टर डीके श्रीवास्तव से ₹11.40 करोड़ रिश्वत ली थी। इसके बदले लातेहार, गढ़वा, पलामू सहित छह जिलों में ग्रामीण विद्युतीकरण का टेंडर IVRCL को दे दिया गया। इस मामले की CBI जांच जारी है। घोटाले में दोषी पाए जाने के बाद कोड़ा ढाई साल जेल में रह चुके हैं और 30 जुलाई 2013 को जमानत मिली थी।


आगे क्या होगा?

मामले पर अगली सुनवाई छह हफ्ते बाद होगी। यदि घोटाले के ठोस सबूत मिलते हैं, तो मधु कोड़ा को कानूनी रूप से और अधिक सजा हो सकती है। यह मामला झारखंड की राजनीति में भ्रष्टाचार के बड़े उदाहरणों में से एक है और इससे जुड़े फैसलों पर सभी की नज़र बनी रहेगी।

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें