DESK: फिल्म अभिनेत्री सुश्री नुसरत भरूचा ने 30 दिसंबर की सुबह भस्म आरती में ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। नुसरत के मंदिर जाने पर भड़के मौलाना ने कहा कि 'शरीयत का हुक्म है कि उन्हें तौबा करनी चाहिए, इस्तगफार पढ़ना चाहिए और कलमा पढ़ना चाहिए । मौलाना ने कहा कि नुसरत भरूचा ने इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ काम किया है।
दरअसल बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा 30 दिसंबर को उज्जैन पहुंची थीं, जहां उन्होंने अहले सुबह भस्म आरती में शामिल होकर पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान नुसरत ने ना केवल पूजा-पाठ किया, बल्कि भगवान महाकाल पर जल भी चढ़ाया और इस दौरान पटका भी पहना।
नुसरत भरूचा के ऐसा करने पर मुस्लिम धर्मगुरु भड़क गए और इसे गुनाह-ए-अजीम यानि महापाप बताते हुए नुसरत के खिलाफ फतवा जारी कर दिया। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि नुसरत भरूचा ने जो किया है उसकी इजाजत इस्लाम नहीं देता है और उन्हें इसके लिए तौबा यानि पश्चाताप करना चाहिए और कलमा पढना चाहिए।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने आगे कहा कि अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में जाकर महापाप किया है। उन्होंने मंदिर में जाकर पूजा-पाठ किया और जलाभिषेक भी किया। माथे पर तिलक लगाया। जिसे इस्लाम इजाजत नहीं देता। शरीयत का हुक्म है कि नुसरत भरूचा तौबा करें, अस्तगफार की दुआ पढ़ें, अल्लाह से अपने गुनाहों और गलतियों के लिए माफी मांगे और कलमा पढ़ें। नुसरत ने इस्लाम के उसूलों के खिलाफ काम किया है।
इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोग नुसरत भरूचा के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग मौलाना के बयान का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। फिलहाल इस विवाद पर नुसरत भरूचा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







