1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 12, 2026, 5:55:18 AM
Mohan bhagwat - फ़ोटो File photo
Mohan bhagwat: दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर गुरुवार शाम पथराव की एक गंभीर घटना सामने आई है। खास बात यह है कि जिस ट्रेन को निशाना बनाया गया, उसमें Mohan Bhagwat भी यात्रा कर रहे थे। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में उन्हें या किसी अन्य यात्री को कोई चोट नहीं पहुंची। घटना के बाद रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई।
जानकारी के मुताबिक कानपुर से दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस जब उत्तर प्रदेश के Firozabad जिले से गुजर रही थी, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने चलती ट्रेन पर पत्थर फेंक दिए। बताया जा रहा है कि ट्रेन मक्कनपुर स्टेशन पार कर चुकी थी और अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान एक बड़ा पत्थर ट्रेन के ई-1 कोच की खिड़की से आकर टकराया, जिससे शीशा टूट गया।
घटना के समय यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रेन के कोच में मौजूद यात्रियों ने तेज आवाज सुनी और देखा कि खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया है। मामले की सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को दी गई। सुरक्षा को देखते हुए ट्रेन को टुंडला जंक्शन के बाहरी क्षेत्र में रोका गया, जहां रेलवे पुलिस और अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
रेलवे सूत्रों के अनुसार RSS प्रमुख मोहन भागवत भी इसी ई-1 कोच में सफर कर रहे थे। हालांकि जिस खिड़की पर पत्थर लगा, उनकी सीट उससे विपरीत दिशा में थी। इसी वजह से वे पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं आई। घटना में किसी अन्य यात्री के घायल होने की भी सूचना नहीं है।
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने प्रभावित कोच का निरीक्षण किया और यात्रियों से भी जानकारी जुटाई। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पथराव करने वाले लोग कौन थे और उनका मकसद क्या था।
जांच के तहत रेलवे ट्रैक के आसपास के इलाकों की भी तलाशी ली जा रही है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी मौके पर भेजा गया है और पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह शरारती तत्वों की करतूत थी या किसी विशेष व्यक्ति अथवा ट्रेन को निशाना बनाकर घटना को अंजाम दिया गया। चूंकि ट्रेन में RSS प्रमुख मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां मामले को अतिरिक्त गंभीरता से ले रही हैं। इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
करीब कुछ समय तक जांच और सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ट्रेन को दोबारा दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि जल्द ही पथराव करने वालों की पहचान कर घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगा लिया जाएगा। ::