UP: उत्तर प्रदेश के मेरठ में इलाज में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। दो साल के बच्चे की आंख पर चोट लगने के बाद परिजन उसे जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित अपने अपार्टमेंट से मंगल पांडेय नगर के एक प्राइवेट क्लिनिक लेकर गए। आरोप है कि डॉक्टर के बजाय वार्ड ब्वॉय ने बच्चे का इलाज शुरू कर दिया और उसकी घायल आंख पर पाँच रुपये वाली फेवीक्विक चिपका दी।
फेवीक्विक लगने के बाद बच्चा जोर-जोर से रोने लगा। परिजनों ने जब वार्ड ब्वॉय की हरकत पर आपत्ति जताई तो अस्पताल स्टाफ ने अभद्रता की। शिकायत के बावजूद डॉक्टरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद परिजनों ने हंगामा किया और दूसरे अस्पताल में बच्चे को ले जाकर उपचार कराया, तब जाकर बच्चा शांत हुआ।
बच्चे के पिता सरदार जसप्रिंदर सिंह ने मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अशोक कटारिया से की। लिखित शिकायत के आधार पर सीएमओ ने अस्पताल के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएमओ का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अस्पताल से जवाब तलब किया गया है।




