IIT Baba Abhay Singh marriage: प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर अचानक सुर्खियों में आए अभय सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी शादी और उससे जुड़े बड़े प्लान हैं। IIT से पढ़ाई कर अध्यात्म की राह चुनने वाले अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर प्रतीका के साथ विवाह कर लिया है और अब दोनों मिलकर भविष्य की एक बड़ी आध्यात्मिक योजना पर काम कर रहे हैं।
शादी के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए इस कपल ने अपने रिश्ते से लेकर आगे की योजनाओं तक कई अहम बातें साझा कीं, जिसने लोगों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है।
अभय सिंह और प्रतीका ने बताया कि उनकी मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी और धीरे-धीरे दोनों के बीच विचारों का मेल बढ़ता गया। प्रतीका ने अभय को “सरल, ईमानदार और सच्चा इंसान” बताया। उन्होंने कहा कि अभय का आध्यात्मिक झुकाव और जीवन को देखने का नजरिया उन्हें सबसे अलग बनाता है।
वहीं अभय सिंह ने भी अपनी पत्नी की सोच और समर्थन की सराहना की। उनका कहना है कि जीवन में अध्यात्म का रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन सही साथी मिलने से यह सफर और मजबूत बनता है।
शादी कब और कहां हुई?
दोनों ने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के अघंजर महादेव मंदिर में पारंपरिक तरीके से शादी की। इसके बाद 19 फरवरी को उन्होंने कोर्ट मैरिज भी की। हालांकि, इस शादी की जानकारी लोगों को तब मिली जब अभय सिंह अपनी पत्नी के साथ हरियाणा के झज्जर में अपने पिता के चैंबर पहुंचे।
अब आगे क्या है प्लान?
शादी के बाद इस कपल का प्लान सबसे ज्यादा चर्चा में है। अभय सिंह और प्रतीका ने साफ किया कि वे केवल पारिवारिक जीवन तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं। दोनों मिलकर “सनातन यूनिवर्सिटी” खोलने की योजना बना रहे हैं। इस यूनिवर्सिटी का उद्देश्य होगा कि एक ही मंच पर गुरु, साधक और अध्यात्म से जुड़े लोग इकट्ठा हों और ज्ञान का आदान-प्रदान हो सके।
अभय सिंह के अनुसार, इस संस्थान में सिर्फ आध्यात्मिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि आधुनिक और सांसारिक ज्ञान को भी जोड़ा जाएगा। यानी यहां पढ़ने वाले लोगों को जीवन के दोनों पहलुओं—भौतिक और आध्यात्मिक—का संतुलित ज्ञान मिलेगा।
IIT से अध्यात्म तक का सफर
IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले अभय सिंह ने एक समय कनाडा की एयरोस्पेस कंपनी में मोटी सैलरी वाली नौकरी भी की। लेकिन जीवन के गहरे अर्थ की तलाश उन्हें अध्यात्म की ओर ले गई। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और साधना के रास्ते पर चल पड़े। महाकुंभ के दौरान “IIT बाबा” के नाम से वायरल होने के बाद उनकी कहानी देशभर में चर्चा का विषय बन गई।
परिवार और पुरानी यादें
झज्जर में अपने पिता के चैंबर पहुंचकर अभय सिंह ने पुरानी यादें भी ताजा कीं। उन्होंने बताया कि पहले वह यहां बैठकर केस स्टडी और कानूनी कामों को समझा करते थे, लेकिन समय के साथ उनकी सोच बदलती गई और उन्होंने जीवन का अलग रास्ता चुन लिया।
फिलहाल कहां रह रहे हैं?
शादी के बाद यह कपल फिलहाल हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रह रहा है, जहां से वे अपने आध्यात्मिक और सामाजिक मिशन की शुरुआत कर रहे हैं।






