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ट्रेनिंग के दौरान कैसे IAS-IPS अफसरों में हो जाता है प्यार, क्यों बढ़ रही है आपसी शादियों की संख्या

LBSNAA मसूरी में फाउंडेशन ट्रेनिंग के दौरान IAS, IPS और अन्य सिविल सेवा अधिकारियों में कैसे प्यार पनपता है और वह शादी में बदल जाता है। जानिए बढ़ती IAS-IPS कपल्स की संख्या, वजहें और चर्चित लव स्टोरीज़।

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ट्रेनिंग के दौरान LOVE
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Jitendra Vidyarthi
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DESK: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कठिन परीक्षा पास करने के बाद जब IAS, IPS, IFS, IRS समेत अन्य सेवाओं के अधिकारी फाउंडेशन कोर्स के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी पहुंचते हैं, तो यहीं से कई चर्चित प्रेम कहानियों की शुरुआत होती है। 3 से 4 महीने तक एक साथ रहने, पढ़ने और प्रशिक्षण लेने के दौरान कई अधिकारियों के बीच दोस्ती गहरी होती है, जो आगे चलकर प्यार और फिर शादी में बदल जाती है। हाल के वर्षों में ऐसे विवाहों की संख्या लगातार बढ़ रही है।


समान सोच और संघर्ष से बनती है नजदीकी

आमतौर पर IAS और IPS अधिकारियों की उम्र चयन के समय 23 से 30 वर्ष के बीच होती है। यह वह दौर होता है जब लोग जीवनसाथी को लेकर गंभीर होते हैं। UPSC की कठिन तैयारी, समान सोच, अनुशासन और सामाजिक समझ के कारण अधिकारियों के बीच जल्दी सामंजस्य बन जाता है। LBSNAA में 90 से 120 दिनों तक एक ही परिसर और हॉस्टल में रहने के कारण आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव और गहरा हो जाता है।


पेशेवर समझदारी बनती है रिश्ते की ताकत

IAS और IPS अधिकारियों की नौकरी में लगातार ट्रांसफर, अनिश्चित कार्य समय और भारी जिम्मेदारियां शामिल होती हैं। ऐसे में जब जीवनसाथी भी प्रशासनिक सेवा में हो, तो एक-दूसरे की चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। यही कारण है कि इन शादियों को अक्सर “सस्टेनेबल मैरिज” माना जाता है।


समाज में मिलती है स्वीकृति

IAS–IPS कपल्स को समाज में “पावर कपल” के रूप में देखा जाता है। समान पद, समान सम्मान और सुरक्षित सरकारी सेवा के कारण इन रिश्तों को परिवार और समाज की सहज स्वीकृति मिल जाती है।


1950 के दशक से चला आ रहा है यह सिलसिला

IAS और IPS अधिकारियों के बीच शादियों का चलन नया नहीं है। 1950–60 के दशक से ही ऐसे विवाह होते रहे हैं, लेकिन वर्ष 2000 के बाद इनमें तेजी से इजाफा हुआ है। महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ने से भी ऐसे रिश्ते अधिक बनने लगे हैं।


चर्चित IAS–IPS कपल्स

टीना डाबी (IAS) – अतहर आमिर (IAS)

पूजा – मनु महाराज (IPS)

चेतन तांबे (IAS) – अश्विनी वैद्यन (IAS)

दीपक यादव (IPS) – प्रीति यादव (IPS)

सृष्टि देशमुख (IAS) – डॉ. नागार्जुन गौड़ा (IAS)

नवजोत सिमी (IPS) – तुषार सिंगला (IAS)

 आईएएस रश्मि कमल – IPS कमलदीप 

IAS हर्ष मंगला – IAS अंजलि 

युवराज मरमट (IAS) और पी. मोनिका (IPS) 

डॉ. नवजोत सिमी (IPS) और तुषार सिंगला (IAS) 

इस तरह की शादियों के सैकड़ों रिकॉर्ड हैं. पिछले 75 सालों में ऐसी काफी शादियां हुई हैं.



वही  टी.एन. शेषन (IAS) और जयलक्ष्मी (IAS)

वीरेश कुमार (IAS) और आरती आहूजा (IAS)

 यशवर्धन कुमार सिन्हा (IFS) और गीता भगत (IAS)

अमरनाथ वर्मा (IAS) और उमेश कुमार (IAS)

इनकी लव मैरिज के कई मामले पुराने रिकॉर्ड में मिलते हैं, लेकिन वर्ष 2000 के बाद यह संख्या काफी बढ़ी है.


क्या LBSNAA बन गया है ‘मैट्रिमोनियल ग्राउंड’?

वरिष्ठ अधिकारी मज़ाक में कहते हैं कि LBSNAA में कैडर से पहले रिश्ते तय हो जाते हैं। हालांकि अकादमी प्रशासन निजी रिश्तों में हस्तक्षेप नहीं करता, बशर्ते अनुशासन और ट्रेनिंग प्रभावित न हो। शोध बताते हैं कि UPSC की कठिन तैयारी और साझा संघर्ष अधिकारियों के बीच मजबूत भावनात्मक संबंध बनाते हैं। प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे दंपति एक-दूसरे के कार्य दबाव को बेहतर समझते हैं, हालांकि समान पद के कारण ‘ईगो क्लैश’ एक चुनौती हो सकती है।


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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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