DESK: उत्तर प्रदेश के हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित ब्रजघाट पर चिता पर शव की जगह डमीनुमा पुतला मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि 50 लाख के कर्ज के बोझ में दबे दिल्ली के कपड़ा व्यापारी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। इस साजिश का भंडाफोड़ होने पर दोनों को पुलिस ने हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की।
बताया जाता है कि गुरुवार को दोपहर करीब एक बजे एक अर्थी ब्रजघाट गंगानगरी के श्मशान घाट पर आई थी। जब दाह संस्कार का समय आया तब 30 साल के युवक के शव की जगह चिता पर डमीनुमा पुतला रखा हुआ मिला। जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गये। चंद सेकंड में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मौक पर पहुंची पुलिस ने बिना देर किये दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। ये दोनों युवक लाश की आड़ में डमीनुमा पुतले का दाह संस्कार करने की साजिश कर रहे थे। लेकिन उससे पहले इस मामले का भंडाफोड़ हो गया।
जब पुलिस ने इस संबंध में पूछताछ की तब दोनों मनगढ़ंत कहानी बनाने लगा। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तब दोनों ने सबकुछ उगल दिया। जिसके बाद इंस्पेक्टर मनोज बालियान ने बताया कि लाश की जगह डमीनुमा पुतले का दाह संस्कार करने श्मशान घाट पर दोनों आया हुआ था। दोनों की पहचान पालम दिल्ली थाना क्षेत्र के कैलाशपुरी निवासी कमल सोमानी और उसका दोस्त उत्तम नगर थाना के जैन कॉलोनी का रहने वाला आशीष खुराना के रुप में हुई है। दोनों ने दिल्ली के प्रसाद नगर थाना क्षेत्र के करोल बाग निवासी धर्मराज के पुत्र अंशुल कुमार की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत का बहाना बनाकर शव की जगह डमीनुमा पुतले का दाह संस्कार करने श्मशान घाट पहुंचा था।
पुलिस ने यह भी बताया कि जिस युवक की मौत होने की बात कही गयी थी, उसका कपड़े की दुकान है। वह 50 लाख के कर्ज में डूबा हुआ है। जिसे चुकता करने के लिए उसने एक साजिश रची थी। दुकान पर काम करने वाले नीरज से बहाना बनाकर उसके भाई अंशुल आधार और पेनकार्ड मंगा लिया था। जिनका दुरुपयोग करते हुए उसने करीब एक साल पहले अंशुल का टाटा एआई का इंश्योरेंस करा लिया था और उसकी नियमित किस्त अदा करता आ रहा था। कर्ज उतारने को लेकर रची गई साजिश के तहत वह अपने दोस्त के साथ अंशुल का पुतला कार में रखकर दाह संस्कार करने के मकसद से ब्रजघाट के श्मशान घाट में आया था। कमल सोमानी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि अगर वह डमीनुमा पुतले का दाह संस्कार करने में सफल हो जाता तो उसके दाह संस्कार प्रमाण के आधार पर बीमा क्लेम लेकर अपना कर्ज चुका देता। लेकिन इस साजिश का भंडोफोड़ समय रहते हो गया।





