Indian Embassy USA : डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिका में इमिग्रेशन नियमों में सख्ती बढ़ने के बीच भारतीय दूतावास ने अमेरिकी यात्रा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका में किसी यात्री के रुकने की सीमा उसकी वीजा की एक्सपायरी डेट से निर्धारित नहीं होती। इसके लिए अंतिम निर्णय कस्टम्स ऐंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) अधिकारी करते हैं।
दूतावास की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए संदेश में कहा गया, “ध्यान रखें! अमेरिका में विदेशी यात्री के रुकने की सीमा CBP अधिकारी तय करते हैं। इसका वीजा की एक्सपायरी डेट से कोई संबंध नहीं है। आपको यदि जानना है कि अमेरिका में आप कितने दिन रुक सकते हैं, तो आपको I-94 फॉर्म देखना होगा। इसमें यह स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि कितने दिनों के लिए आपको अमेरिका में रुकने की अनुमति दी गई है।”
भारतीय दूतावास ने बताया कि यह कोई नई एडवाइजरी नहीं है। दो महीने पहले भी इसी तरह की जानकारी यात्रियों को दी गई थी। सभी गैर-प्रवासी यात्रियों के लिए I-94 फॉर्म भरना अनिवार्य है। इस फॉर्म में यात्रियों को अमेरिका में रुकने की अधिकतम अवधि लिखी जाती है, जो वीजा की एक्सपायरी डेट से अलग हो सकती है।
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के अनुसार, समुद्री और हवाई मार्ग से अमेरिका आने वाले यात्री इलेक्ट्रॉनिक I-94 फॉर्म प्राप्त करते हैं। इसके लिए किसी अतिरिक्त आवेदन की आवश्यकता नहीं होती। वहीं, जमीनी मार्ग से अमेरिका आने वाले यात्रियों को I-94 फॉर्म के लिए आवेदन करना पड़ता है। ताकि बॉर्डर पर समय की बचत हो सके, यह आवेदन आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पहले से किया जा सकता है। हालांकि, अमेरिका में इमिग्रेशन वीजा वाले यात्रियों को इस प्रक्रिया से छूट दी गई है।
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने 19 देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लागू किया है। इनमें अफगानिस्तान और सीरिया जैसे देश भी शामिल हैं। ऐसे में भारतीय यात्रियों के लिए यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वीजा की एक्सपायरी डेट पर निर्भर रहना उन्हें भ्रमित कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका आने वाले यात्रियों को हमेशा अपनी I-94 जानकारी अपडेट रखनी चाहिए। I-94 फॉर्म ऑनलाइन उपलब्ध है और इसे यात्रा से पहले या अमेरिका पहुंचने के बाद भी चेक किया जा सकता है। फॉर्म में बताई गई तारीख तक ही यात्री अमेरिका में वैध रूप से रह सकता है। यदि कोई यात्री इस सीमा से अधिक समय तक अमेरिका में रहता है, तो इसे “ओवरस्टे” माना जाएगा और भविष्य में वीजा या अमेरिका प्रवेश पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, भारतीय दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि वीजा की एक्सपायरी डेट केवल यात्रा की अनुमति की अवधि दिखाती है, लेकिन अमेरिका में रुकने की वास्तविक सीमा CBP अधिकारी तय करते हैं। इसका मतलब यह है कि यदि किसी यात्री के पास वीजा वैध है, तो भी उसे I-94 फॉर्म में लिखी तारीख तक ही अमेरिका में रहना होगा।
अमरीकी कानून के अनुसार, CBP अधिकारी सीमा पर यात्रियों के कागजात, यात्रा का उद्देश्य, वीजा प्रकार और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद यह तय करते हैं कि किसी यात्री को कितने दिनों तक अमेरिका में रहने की अनुमति दी जाएगी। इसलिए सभी यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अमेरिका की यात्रा से पहले और यात्रा के दौरान I-94 फॉर्म की जानकारी लगातार अपडेट रखें।
भारतीय दूतावास ने विशेष रूप से छात्रों, व्यापारियों और गैर-आवासी यात्रियों से आग्रह किया है कि वे I-94 फॉर्म की जानकारी को नजरअंदाज न करें। यह फॉर्म न केवल रुकने की अवधि बताता है, बल्कि अमेरिका में कानूनी रूप से रहने की स्थिति को भी प्रमाणित करता है। संक्षेप में, अमेरिका में रुकने की सीमा वीजा की वैधता से नहीं, बल्कि CBP अधिकारी द्वारा निर्धारित I-94 फॉर्म से तय होती है। यात्रियों को इसे ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए।






