Anant Singh : मोकामा में जेडीयू कैंडिडेट अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड मामले में अरेस्ट किया गया। पुलिस ने आधी रात बाढ़ के कारगिल से उन्हें अरेस्ट किया और पूरी रात उन्हें SSP के रंगदारी सेल में रखा गया है। उसके बाद उन्हें अभी से थोड़ी देर पहले CJM कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद अब जो जानकारी निकल कर सामने आ रही है। उसके मुताबिक मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अब इस मामले में जो नया अपडेट निकल कर सामने आ रहा है उसके मुताबिक अनंत सिंह के जेल जाने के बाद ललन बाबू मोकामा में चुनाव प्रचार करेंगे।
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री और मुंगेर सांसद ललन सिंह कल सड़क मार्ग से लोगों से जनसंपर्क करेंगे। ललन सिंह पटना अपने निजी आवास से सड़क मार्ग के जरिए मोकामा विधानसभा जाएंगे और उनकी यह यात्रा रैली से शुरू होगी। इसको लेकर जो कार्यक्रम तय किया गया है उसके मुताबिक ललन सिंह रैली पंचायत होते हुए पंडारक,मेकरा,कन्हाईपुर,सुल्तानपुर, मोर,बरहपुर,शिवनार, होते हुए मोकामा नगर परिषद् में बने एनडीए प्रधान कार्यालय जाएंगे और उसके बाद वापस पटना आ जाएंगे।
मालूम हो कि, मोकामा में हुए चर्चित दुलारचंद हत्याकांड ने लंबे समय से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रखी थी। मामले की जांच के दौरान कई अहम सबूत पुलिस के हाथ लगे थे, जिसके बाद अनंत सिंह की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी। इसी आधार पर पुलिस ने शनिवार की रात अचानक यह बड़ी कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक, इस छापेमारी की पूरी तैयारी गुप्त तरीके से की गई थी ताकि किसी तरह की विरोध या हिंसक प्रतिक्रिया की संभावना न रहे। इसके बाद पूरी रात उन्हें SSP के रंगदारी सेल में रखा गया और उसके बाद वापस से आज सुबह कोर्ट में पेश किया गया और अब उन्हें जेल भेज दिया गया। इस बीच अब खबर यह है कि कल ललन सिंह चुनाव प्रचार करने मोकामा जा रहे हैं।
मोकामा का समीकरण
मोकामा विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 2.90 लाख है। इस इलाके में जातिगत समीकरण बेहद निर्णायक हैं। भूमिहार, जो यहां निर्णायक वोटर्स माने जाते हैं, कुल मतदाताओं का लगभग 30 प्रतिशत हैं। यदि इन भूमिहार वोटर्स के साथ ब्राह्मण और राजपूत को जोड़ा जाए तो सवर्ण वोटर्स की कुल संख्या लगभग 40 प्रतिशत के करीब हो जाती है। ये सवर्ण वोटर पिछले कई चुनावों में एनडीए के मजबूत स्तंभ रहे हैं।
भूमिहार और सवर्ण वोटर्स के बाद पिछड़ा वर्ग सबसे बड़ा वोट बैंक है। इसमें लगभग 22-25 प्रतिशत यादव और 20-22 प्रतिशत धानुक वोटर शामिल हैं। इसके अलावा दलित, पासवान और मुस्लिम मतदाता मिलाकर लगभग 30 प्रतिशत आबादी बनाते हैं। यह विविध और जटिल जातिगत मिश्रण मोकामा को हमेशा से ही राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता रहा है।
अनंत सिंह की पकड़ पहले से ही इस क्षेत्र में काफी मजबूत थी। उनकी लोकप्रियता और बाहुबली छवि ने एनडीए को कई चुनावों में लाभ पहुंचाया। विशेषकर भूमिहार और धानुक वोट बैंक पर उनका प्रभाव निर्णायक रहा है। लेकिन पिछले लोकसभा चुनावों में देखा गया कि राजद ने मोकामा क्षेत्र में यादव और धानुक वोटर्स के बीच तेजी से सेंधमारी शुरू कर दी थी।






