DELHI : नेशनल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर ने लोकसभा चुनाव के पहले चरण में शामिल होने वाले 1625 उम्मीदवारों में से 1618 घोषणा पत्रों की जांच में पाया कि पहले चरण के चुनाव में भाग लेने वाले कुल 252 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 15 उम्मीदवारों को आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया गया है। इन 1618 में 161 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ क्रिमिनल केस की जानकारी दी है और सात ने हत्या जैसे संगीन मामलों में शामिल होने की भी जानकारी दी है।
एडीआर रिपोर्ट में कहा गया है कि 19 प्रत्याशियों ने हत्या की कोशिश से जुड़े मामलों की घोषणा की है जबकि कुल 1618 उम्मीदवारों में से 18 उम्मीदवार महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों में शामिल हैं। इनमें से एक पर दुष्कर्म का आरोप भी है। वहीं 35 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ हेड स्पीच से संबंधित मामलों की जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के 77 में से 28, कांग्रेस के 56 में से 19, टीएमसी के पांच में से दो उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। आरजेडी के सभी चार उम्मीदवार, समाजवादी पार्टी के सात में से तीन, बीएसपी के 86 में से 11, डीएमके के 22 में से 13 और एआईडीएडीएमके के 36 में से 13 उम्मीदवारों ने भी जानकारी दी है कि उनके खिलाफ केस दर्ज हैं।
इस रिपोर्ट में उम्मीदवारों की संपत्ति की जानकारी दी गई है। विश्लेष्ण के दौरान एडीआर को पता चला है कि 332 ने बताया है कि उनकी संपत्ति दो करोड़ रुपए से अधिक है। इनमें से 193 उम्मीदवारों के पास पांच करोड़ रुपए और उससे अधिक की संपत्ति है। 1618 में से 277 ने अपनी संपत्ति का मूल्य 50 लाख से लेकर दो करोड़ रुपए की बीच बताई है और अन्य 436 ले 10 लाख से 50 लाख रुपए के बीच अपनी संपत्ति की घोषणा की है। 573 उम्मीदवारों के पास 10 लाख से कम की संपत्ति है।





