Bihar assembly election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी पारा तेजी से चढ़ता जा रहा है। इस बार का सबसे बड़ा बवाल लालगंज विधानसभा सीट को लेकर मचा हुआ है। महागठबंधन की ओर से यह सीट कांग्रेस को दे दी गई है, जिसके बाद इस सीट पर नया राजनीतिक संग्राम शुरू हो गया है। दरअसल, बाहुबली नेता मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला ने खुलकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस पर गंभीर आरोप: “पैसा लेकर टिकट दिया जाता है
शिवानी शुक्ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस टिकट वितरण की प्रक्रिया अब पूरी तरह पैसों पर आधारित हो चुकी है। उन्होंने खुलासा करते हुए कहा— “ कांग्रेस के लोग पैसा लेकर टिकट देते हैं। जो लोग पैसा नहीं दे पाते, उन्हें टिकट नहीं दिया जाता। पांच साल जनता की सेवा करने की बात करने वाले नेता पहले अपनी झोली भरने में लग जाते हैं।”
शिवानी ने आगे कहा कि कांग्रेस में एक अलग तरह का खेल चल रहा है, जो वर्षों से चलता आ रहा है। “यह खेल ऐसा है कि बाहर वाले को कभी पता नहीं चल पाता। जो आदमी वाकई जनता के लिए कुछ करना चाहता है, उसे दरकिनार कर दिया जाता है और जो पैसे देता है, वही उम्मीदवार बन जाता है।”
“हमसे चाहते क्या हैं राजद वाले?”
शिवानी शुक्ला ने सवाल उठाते हुए कहा कि उनका परिवार लालगंज की मिट्टी के लिए सबकुछ कुर्बान कर चुका है। उन्होंने कहा—“हमारा पूरा परिवार लालगंज की सेवा में लगा रहा है। मेरे पिता ने इस धरती के लिए संघर्ष किया, जेल गए, राजनीति की आग से गुजरे। ऐसे में अगर हमसे भी कहा जाएगा कि टिकट पैसे देकर लो, तो यह कैसे संभव है? हम जनता की सेवा के लिए राजनीति में हैं, न कि किसी की जेब भरने के लिए।”
शिवानी ने भावुक होते हुए कहा कि आज भी उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि कांग्रेस के लोग उनसे आखिर चाहता क्या है। “अगर मैं चुनाव लड़ूं या न लड़ूं, इसका फैसला वक्त करेगा, लेकिन लालगंज की जनता सब समझती है। जनता जानती है कि कौन उनके लिए खड़ा है और कौन सौदेबाजी में लगा है।”
लालगंज सीट पर सियासी समीकरण
लालगंज विधानसभा सीट बिहार की सियासत में हमेशा चर्चा का विषय रही है। इस सीट पर कई बार बाहुबली नेताओं का प्रभाव रहा है। मुन्ना शुक्ला और उनके परिवार का इस इलाके में गहरा राजनीतिक पकड़ रही है। ऐसे में जब महागठबंधन ने यह सीट कांग्रेस को दे दी, तो राजद खेमे के कई स्थानीय नेता नाराज हो गए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालगंज में शिवानी शुक्ला का बयान महागठबंधन के अंदर की नाराजगी को खुलकर सामने लाता है। यह सिर्फ एक सीट का मामला नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि टिकट वितरण को लेकर अंदरूनी कलह कितनी गहरी है।
“पैसे की राजनीति जनता को तोड़ रही है”
शिवानी शुक्ला ने अपने बयान में यह भी कहा कि अब राजनीति पूरी तरह से पैसों का खेल बन चुकी है। उन्होंने कहा— “जब टिकट पैसे से मिलेगा, तो फिर नेता जनता की सेवा कैसे करेंगे? जब शुरुआत ही सौदेबाजी से होगी, तो जनता के हक की बात कौन करेगा? यह राजनीति नहीं, बाजार बन चुका है। अगर राजनीति में पैसा ही सबकुछ है, तो जनता के भरोसे का क्या होगा?”
जनता के बीच बढ़ रही सहानुभूति
शिवानी शुक्ला के इस बयान के बाद लालगंज की राजनीति में हलचल मच गई है। स्थानीय स्तर पर कई लोगों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर खूब चर्चा हो रही है। कई यूज़र्स का कहना है कि अगर टिकट पैसे से बिकने लगे, तो आम जनता के नेता कभी नहीं उभर पाएंगे।
लालगंज सीट को लेकर उठे इस विवाद ने बिहार की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। शिवानी शुक्ला के बयान ने न केवल कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि टिकट बंटवारे में पैसों की भूमिका कितनी बढ़ चुकी है। एक बात तो साफ है कि लालगंज सीट अब सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं रही, बल्कि बिहार की राजनीति में ईमानदारी बनाम पैसे की राजनीति का प्रतीक बन गई है।






