Anant Singh arrest: दुलारचंद हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोकामा के बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार देर रात हुई इस कार्रवाई की पुष्टि पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा और डीएम त्याग राजन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की।
डीएम त्याग राजन ने बताया कि इस घटना में कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि “जितने भी लीगल हथियार हैं, उन्हें भी जमा कराया जा रहा है।” डीएम ने साफ किया कि प्रशासन हर कोण से मामले की जांच कर रहा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज कराया गया है” और इस घटना में आचार संहिता का उल्लंघन भी हुआ है। उन्होंने बताया कि अनंत सिंह उस समय घटनास्थल पर मौजूद थे, और जांच के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई है।
एसएसपी ने आगे बताया कि अनंत सिंह के दो सहयोगी – मणिकांत ठाकुर और रणजीत राम – भी घटनास्थल पर मौजूद थे और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल तीनों से पूछताछ की जा रही है, और पुलिस इस पूरे प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर मोकामा की सियासत में हलचल मचा दी है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मोकामा विधानसभा क्षेत्र में यह घटना जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह और जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच हुई झड़प के दौरान हुई थी। शुरुआती रिपोर्ट और एफआईआर में दुलारचंद यादव की हत्या को गोली लगने से जोड़ा गया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उनकी हत्या जानबूझकर की गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस धारणा को पूरी तरह से चुनौती दी थी। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि उनके सीने पर गाड़ी चढ़ने से हड्डी टूट गई और फेफड़े फट गए, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि, पुलिस का अभी भी यही कहना है कि गोली लगने से उनकी मौत नहीं हुई है। लेकिन घटना के समय अनंत सिंह खुद वहां मौजूद थे। लिहाजा उन्हें आचार संहिता उल्लंघन के मामले में और हत्या के मामले में अरेस्ट किया गया है।
मेडिकल टीम ने शुक्रवार को बाढ़ में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक पोस्टमार्टम किया। तीन डॉक्टरों की टीम ने घटना की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए हर पहलू का गहन अध्ययन किया। पोस्टमार्टम की यह रिपोर्ट न केवल दुलारचंद यादव के परिवार के लिए बल्कि जांच में लगे अधिकारियों के लिए भी बड़ी चुनौती साबित हुई है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि गोली केवल बाहरी चोट थी और मौत का कारण नहीं थी।






