Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को नवादा जिले से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। दरअसल, नवादा जिले के कादिरगंज थाना क्षेत्र के पाचंबा गांव में राजद नेता और मुखिया पति अवधेश महतो की गाड़ी पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ 10 राउंड फायरिंग की। इस हमले में गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन सौभाग्य से उस समय अवधेश महतो गाड़ी में मौजूद नहीं थे, जिससे उनकी जान बच गई।
गोलीबारी से मचा हड़कंप, इलाके में फैली दहशत
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भय और तनाव का माहौल पैदा हो गया। देर रात ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। बताया जा रहा है कि फायरिंग इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों में गोलियों की आवाज गूंज उठी। ग्रामीणों ने आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कादिरगंज थाना पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
डीएसपी हुलास कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि गाड़ी को थाने लाया गया है और फॉरेंसिक टीम भी जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने मौके से 10 खाली कारतूस बरामद किए हैं। डीएसपी ने कहा कि अपराधियों की पहचान के लिए आसपास के CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच की जा रही है।
अवधेश महतो ने एनडीए नेताओं पर लगाया हमला करवाने का आरोप
रविवार को घटना के बाद पचोहिया गांव में एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें राजद प्रत्याशी कौशल यादव, अवधेश महतो और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। बैठक के दौरान अवधेश महतो ने बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “यह हमला राजनीतिक साजिश के तहत करवाया गया है। इसके पीछे एनडीए नेताओं का हाथ है। अगर चुनाव के दौरान मेरी जान जाती है तो इसके लिए एनडीए के स्थानीय नेता जिम्मेदार होंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि यह हमला केवल उन पर नहीं, बल्कि राजद के कार्यकर्ताओं के मनोबल पर किया गया है। महतो ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो नवादा जिले में चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
राजद प्रत्याशी कौशल यादव ने सरकार पर साधा निशाना
बैठक को संबोधित करते हुए राजद प्रत्याशी और पूर्व विधायक कौशल यादव ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने बताया कि अवधेश महतो की गाड़ी पर 10 गोलियां चलाई गईं। यदि वे गाड़ी में होते तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था। यादव ने कहा, “अवधेश महतो गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी पूर्णिमा यादव के प्रमुख कार्यकर्ता हैं और कुशवाहा अति पिछड़ा समाज के सक्रिय नेता माने जाते हैं। यह हमला सीधे-सीधे राजद के मजबूत जनाधार को डराने की कोशिश है।”
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के दिनों में नवादा और आस-पास के इलाकों में राजद समर्थकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने में सुस्त दिखाई दे रहा है।
पुलिस ने कहा – जांच जारी, दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा
इस पूरे मामले पर डीएसपी हुलास कुमार ने बताया कि अवधेश महतो की लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा, “हम मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीम बनाई गई हैं। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से कार की क्षतिग्रस्त खिड़कियां और गोलियों के निशान जब्त किए हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या घटना के पीछे स्थानीय चुनावी रंजिश या पुरानी दुश्मनी की कोई कड़ी है।
चुनावी माहौल में बढ़ा तनाव
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग से पहले नवादा में हुई इस गोलीबारी की घटना ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन इस घटना से माहौल और गरमाता नजर आ रहा है। विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे “राजनीतिक बयानबाजी” करार दिया है।
नवादा जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जा रहे हैं। साथ ही, मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
नवादा में राजद नेता अवधेश महतो की गाड़ी पर हुई गोलीबारी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिहार में चुनाव अब भी सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से हो पाएंगे? जहां एक ओर नेता इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, वहीं प्रशासन अपराधियों को जल्द पकड़ने का दावा कर रहा है। लेकिन इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का दूसरा चरण बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण होने वाला है।






