Bihar Politics: बिहार में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं. चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ नेता भी तैयारी में जुटे हैं. वैसे नेता जो पद पर हैं, अब संतान को सेट करने में जीन-जान से जुटे हैं. एनडीए में अलग तरह का ही खेल चल रहा है. जनता दल यूनाइटेड के नेता अपने बेटा-बेटी को सहयोगी दल में शामिल करा चुनाव ल़ड़ाना चाहते हैं. लोकसभा चुनाव 2024 में यह फार्मूला लॉन्च हुआ. 2025 में भी जेडीयू कोटे के मंत्री इस फार्मूले के तहत अपने बेटा-बेटी को चुनाव लड़ाना चाहते हैं.
मदन सहनी अपने बेटे के लिए चाहते हैं टिकट
2024 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कैबिनेट में जेडीयू कोटे के दो मंत्रियों ने अपने बेटा-बेटी को दूसरे दल में शामिल कराकर चुनाव लड़वाया था. मंत्री अशोक चौधरी की बेटी शांभवी लोजपा (रामविलास) में शामिल हुई. चिराग पासवान ने उन्हें समस्तीपुर से लोकसभा का टिकट दिया. शांभवी चुनाव जीतकर सांसद बन गई। वहीं मंत्री महेश्वर हजारी ने अपने बेटे सन्नी हजारी को कांग्रेस में शामिल करा दिया. कांग्रेस ने महेश्नर हजारी के बेटे सन्नी हजारी को समस्तीपुर से लोस का टिकट दे दिया. समस्तीपुर के रण में नीतीश कैबिनेट के एक मंत्री की बेटी ने दूसरे मंत्री के बेटे को परास्त कर दिया. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में यही काम जेडीयू कोटे के दूसरे मंत्री करना चाहते हैं. वे अपने बेटे को चिराग पासवान की पार्टी में शामिल करा कर विधानसभा का टिकट लेने के प्रयास में हैं. बताया जाता है कि जेडीयू कोटे से नीतीश कैबिनेट में मंत्री मदन सहनी ने 5 अप्रैल को चिराग पासवान से मुलाकात भी की थी. बात बनने पर चिराग पासवान ने मंत्री मदन सहनी के बेटे को लोजपा(रामविलास) में शामिल कराने की हरी झंड़ी दे दी. 5 अप्रैल को मदन सहनी ने चिराग पासवान से मुलाकात की तस्वीर शेयर किया था. साथ ही लिखा था....आज लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात किया. इस दौरान बिहार के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई.
9 मई को लोजपा(रामविलास) में होनी थी ज्वाइनिंग
चिराग की हरी झंड़ी के बाद नीतीश कैबिनेट में जेडीयू कोटे से मंत्री मदन सहनी के बेटे एकलव्य सहनी के लोजपा (रामविलास) में शामिल कराने को लेकर घोषणा भी कर दी गई। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी की तरफ से 9 मई को मदन सहनी के बेटे एकलव्य सहनी के पार्टी में शामिल कराने की घोषणा की गई। मदन सहनी ने 5 अप्रैल को दिल्ली जाकर चिराग पासवान से मुलाकात की. इसके बाद 30 अप्रैल को लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने चिट्ठी जारी की और कहा, प्रदेश प्रभारी ने जानकारी दी है कि, 9 मई को दरभंगा जिला में नव संकल्प महासभा सह मिलन समारोह का आयोजन किया गया है. इस मौके पर एकलव्य सहनी लोजपा(रामविलास) की सदस्यता ग्रहण करेंगे. राजू तिवारी ने यह पत्र दरभंगा के जिलाध्यक्ष को लिखा था.
मिलन समारोह पड़ा खटाई में
मदन सहनी के बेटे एकलव्य सहनी 9 मई को लोजपा(रामविलास) में शामिल होने वाले थे. लेकिन ऐन वक्त पर मिलन समारोह स्थगित कर दिया गया. अब इनके लोजपा रामविलास) में शामिल होने पर ग्रहण लगते दिख रहा है. नई तारीख की घोषणा अब तक नहीं की गई है. पार्टी के विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि यह मामला खटाई में पड़ गया है. क्यों कि जेडीयू नेतृत्व को इस बात की भनक लग गई थी कि, मंत्री मदन सहनी अपने बेटे को चिराग पासवान की पार्टी में शामिल कराकर चुनाव लड़ाना चाहते हैं. लिहाजा पार्टी सक्रिय हुई और साफ-साफ मैसेज दे दिया गया, अब ऐसा नहीं चलेगा. आप जेडीयू में और बेटे को लोजपा में शामिल करा चुनाव लड़वायें. यह संभव नहीं है.
मदन सहनी खुद दरभंगा के बहादुरपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. नीतीश कैबिनेट में जेडीयू कोटे से समाज कल्याण मंत्री हैं. खुद तो जेडीयू से उम्मीदवार होंगे ही, इस बार अपने बेटे को हर हाल में चुनाव लड़ाना चाहते हैं. बताया जाता है कि बेटे के लिए गौराबौराम या हायाघाट सीट चाहते हैं. यह दोनों सीट वर्तमान में भाजपा के खाते में है. इन दोनों जगहों पर बीजेपी के सीटिंग विधायक हैं.





