Bihar Politics: बिहार में पिछले ही दिनों कैबिनेट का विस्तार किया गया है। इसमें भाजपा और जदयू कोटे से कुछ विधायकों को नीतीश मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। इसके बाद अब अपडेट निकल कर सामने आया है। उसके मुताबिक अब नीतीश सरकार नए मंत्रियों को दायित्व देने के बाद पुराने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव की तैयारी कर रही है। वर्तमान में नौ ऐसे मंत्री हैं जिनके पास दो-दो जिले का प्रभार है। इसमें भाजपा कोटे से उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के साथ चार मंत्री हैं।
दरअसल, नीतीश कैबिनेट में सात नए मंत्रियों के सम्मिलित होने एवं विभाग बंटवारे के बाद अब पुराने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव की तैयारी चल रही है। वर्तमान में नौ ऐसे मंत्री हैं जिनके पास दो-दो जिले का प्रभार है। इसमें भाजपा कोटे से उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के साथ चार मंत्री हैं। अब इनके पास से अतरिक्त जिलों का प्रभार कम करने का प्लान तैयार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जदयू के पांच मंत्री ऐसे हैं, जिनके पास दो-दो जिले का प्रभार है। अब इन मंत्रियों पर दायित्व को बोझ कम करने के साथ ही जिले के प्रभार में भी परिवर्तन की तैयारी चल रही है।
मालुम हो कि, सरकार के मंत्रियों को जिला कार्यक्रम कार्यान्यवन समिति का अध्यक्ष सह जिला का प्रभारी मंत्री बनाया जाता है। ऐसे में वर्तमान में उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा को पास दो जिलों मुजफ्फरपुर और भोजपुर जिले का प्रभार है। अशोक चौधरी के पास सीतामढ़ी एवं जहानाबाद जिले के प्रभारी मंत्री का दायित्व है।
जबकि,नीतीश मिश्रा के पास गया एवं अररिया जिले के प्रभारी मंत्री हैं। श्रवण कुमार के पास समस्तीपुर एवं मधेपुरा जिले के प्रभारी मंत्री हैं। विजय चौधरी के पास नालंदा एवं पूर्णिया जिले के प्रभारी मंत्री का दायित्व है। नितिन नवीन के दायित्व में बक्सर एवं कैमूर है। शीला कुमारी के पास शेखपुरा एवं लखीसराय जिले का दायित्व है। वहीं, जमा खान किशनगंज एवं शिवहर जिले के जिला कार्यक्रम कार्यान्यवन समिति का अध्यक्ष सह जिला का प्रभारी मंत्री हैं।
उधर, नीतीश सरकार में शपथ लेने वाले सात नए मंत्रियों (जिवेश कुमार, संजय सरावगी, डॉ. सुनील कुमार, राजू कुमार सिंह, मोतीलाल प्रसाद, विजय कुमार मंडल, कृष्ण कुमार मंटू) को जिले का प्रभार मिलने की प्रतीक्षा है।






