Koilwar bridge accident : शनिवार दोपहर को कोइलवर के सिक्सलेन पुल पर एक गंभीर सड़क हादसे ने अफरा-तफरी मचा दी। घटना तब हुई जब बिहटा पब्लिक स्कूल की एक स्कूल बस और एक कंटेनर ट्रक के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। यह हादसा पुल के बीचों-बिच हुआ, जिससे कुछ समय के लिए दोनों ओर लंबा जाम लग गया और लोगों में भय और चिंता का माहौल बन गया।
हादसे के समय स्कूल बस में लगभग दर्जनभर बच्चे सवार थे। हालांकि, गनीमत रही कि सभी बच्चों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल बस गलत साइड से आ रही थी, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रहे कंटेनर से टकरा गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक स्टीयरिंग के नीचे दबकर फंस गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए जुटकर चालक को निकालने की कोशिश शुरू की। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत और गैस कटर की सहायता से फंसे हुए चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल चालक की पहचान बिहटा थाना क्षेत्र के किशुनपुरा निवासी सतेन्द्र सिंह के रूप में हुई है। उन्हें गंभीर हालत में तुरंत बिहटा अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही कोइलवर थानाध्यक्ष नरोतम चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल राहत कार्य शुरू कराया, घायल चालक को अस्पताल भिजवाया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सामान्य कराया।
जानकारी के अनुसार, यह स्कूल बस बच्चों को छुट्टी के बाद उनके घर कोइलवर छोड़ने आई थी। बच्चों को सुरक्षित घर छोड़ने के बाद बस बिहटा लौट रही थी। इसी दौरान यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुल पर अक्सर वाहन गलत दिशा से आते-जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि पुल पर वाहनों के गलत दिशा में आने-जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सिक्सलेन पुल जैसे व्यस्त मार्गों पर यातायात नियमों का उल्लंघन गंभीर हादसों का कारण बनता है। बच्चों और आम जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि चालक सड़क नियमों का पालन करें और अधिकारियों द्वारा निगरानी सुनिश्चित की जाए।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में प्रारंभिक जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, स्कूल प्रशासन और परिवहन विभाग को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
स्थानीय लोग अक्सर पुल पर बच्चों और आम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पुल के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित चेकिंग की जाए।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की अहमियत को उजागर किया है। स्कूल बस में सवार बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बावजूद चालक की गंभीर स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। दुर्घटना ने यह भी दिखाया कि यदि स्थानीय लोग समय रहते मदद नहीं करते तो नुकसान और बढ़ सकता था।
इस बीच, स्कूल प्रशासन ने बच्चों के अभिभावकों को सूचित किया और सभी बच्चों की स्थिति सुरक्षित बताई। उन्होंने यह भी कहा कि बस के चालक की स्थिति गंभीर है और उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।
सिक्सलेन पुल पर हुए इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और आम जनता के लिए चेतावनी का काम किया है। सड़क पर सावधानी और नियमों का पालन न केवल बच्चों बल्कि सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।






