NITISH KUMAR : बिहार की सियासत और विकास की तस्वीर एक बार फिर बदलने जा रही है। विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड के सकरा वाजिद पंचायत पहुंचे, जहां उन्होंने कुल 1,333 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से 22 महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। यह कार्यक्रम जिले के लिए अब तक की सबसे बड़ी विकास सौगातों में से एक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोपहर 12:35 बजे हेलीकॉप्टर से सकरा हेलीपैड पर पहुंचे, जहां से वे सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक गए। शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की योजनाओं का शुभारंभ करते हुए लोगों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और हर क्षेत्र में संतुलित प्रगति ही सरकार का लक्ष्य है।
कार्यक्रम में शामिल मुख्य परियोजनाओं में ₹589.05 करोड़ की लागत से गंडक नदी पर फतेहाबाद से चंचलिया तक उच्चस्तरीय पीएससी बॉक्स सेल सुपरस्ट्रक्चर मेन पुल और तीन अन्य पीएससी पुलों का निर्माण प्रमुख है। इसके अलावा ₹184.32 करोड़ से डॉ. भीम राव अम्बेडकर 10+2 आवासीय विद्यालय मोतीपुर, सकरा, पारू और बन्दरा में 720 सीटों वाले विद्यालय भवन बनाए जाएंगे।
₹199.45 करोड़ से प्रखण्ड-सह-अंचल कार्यालय-सह-आवासीय परिसर, ₹134.42 करोड़ से गायघाट में 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र और संचरण लाइन, ₹32.32 करोड़ से कर्मचारियों के आवास, ₹26 करोड़ से एमआईटी छात्रावास और ₹13.28 करोड़ से विद्युत शक्ति उपकेंद्र वाजिदपुर, बोचहां, कोरमा एवं कुढ़नी का निर्माण भी शामिल है।
जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। डीएम और एसएसपी ने देर रात तक तैयारियों का जायजा लिया और कार्यक्रम स्थल के चारों ओर मजिस्ट्रेट और पुलिस बलों की तैनाती की गई। मुख्यमंत्री ने मौके पर जीविका दीदियों के स्टॉल का भी निरीक्षण किया और उनसे संवाद किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की विकासात्मक घोषणाएं और शिलान्यास कार्यक्रम एनडीए और नीतीश कुमार की “विकास पुरुष” की छवि को और मजबूत करेंगे। यह न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी मतदाताओं के बीच भी एक सकारात्मक संदेश भेजेगा। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह कार्यक्रम राजनीतिक और विकासात्मक दोनों दृष्टियों से अहम माना जा रहा है।






