Bihar politics : बिहार की राजनीति में कभी-कभी नेताओं के बयान ही विवाद का कारण बन जाते हैं। ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया, जब राज्य के एक चर्चित नेताजी ने सार्वजनिक रूप से एक बयान दिया कि “हम भूरा बाल साफ कर देंगे।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। इस बयान को लेकर न केवल जनता बल्कि उनके विरोधी भी उन्हें निशाने पर लेने लगे।
नेताजी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोग इसे मजाकिया और विवादास्पद दोनों तरह से लेने लगे। ट्विटर और फेसबुक पर उनके बयान को लेकर मीम्स और चुटकुलों की भरमार हो गई। लोग नेताजी की इस अभद्र भाषा और असंवेदनशील बयानबाजी पर सवाल उठा रहे थे। कई लोगों ने कहा कि इस तरह की भाषा से राजनीतिक सम्मान पर भी असर पड़ता है।
हालांकि नेताजी ने अपने बयान पर किसी तरह का खेद व्यक्त नहीं किया और खुद को एक बड़े नेता के रूप में पेश करते रहे। उन्होंने मीडिया के सामने यह दोहराया कि उनका इरादा किसी को अपमानित करने का नहीं था, लेकिन जनता और सोशल मीडिया ने इसे अलग ही नजरिए से देखा। उनके इस रवैये को लेकर पार्टी के अंदर भी असंतोष की लहर दौड़ गई।
कुछ दिन पहले तक नेताजी की इस बयानबाजी को लेकर पार्टी नेताओं ने चुप्पी साध रखी थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। कल अशोक महतो काफी देर तक राबड़ी आवास पर खड़े रहे। लेकिन उन्हें तेजस्वी के गार्ड ने रोके रखा। आखिरकार अशोक महतो की मुलाकात नहीं हो पाई और गार्ड ने दरवाजे से ही उन्हें वापस भेज दिया। जानकारी के मुताबिक, बाहुबली नेता अशोक महतो विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं और वे टिकट के सिलसिले में ही तेजस्वी यादव से मुलाकात करने पहुंचे थे।
आपको बताते चलें कि मालूम हो लोकसभा चुनाव 2024 में अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी ने चुनाव लड़ा था। बिहार की मुंगेर लोकसभा सीट से उन्हें आरजेडी का उम्मीदवार बनाया गया था। इतना ही नहीं, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने खुद ही अनीत देवी को मुंगेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिये सिंबल दिया था। लेकिन, गुरुवार की रात राबड़ी आवास से अशोक महतो को टिकट तो दूर की बात, बिना मुलाकात किये ही लौटना पड़ गया।
इस पूरे मामले से यह बात स्पष्ट हो गई है कि राजनीति में केवल व्यक्तिगत बयान ही नहीं, बल्कि पार्टी की छवि भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। जनता अब नेताओं के हर शब्द पर ध्यान दे रही है और सोशल मीडिया ने इसे और तेज कर दिया है। नेताजी के भूरा बाल वाले बयान ने साबित कर दिया कि असंवेदनशील बयान किसी भी नेता के लिए कितना घातक हो सकता है।






